संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट रेलवे स्टेशन से चलने वाली 20 ट्रेनों में से छह जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों को आगामी तीन माह के लिए रद्द कर दिया गया है। इससे दैनिक यात्रियों सहित ग्रामीण क्षेत्र से पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई है,उन्हें अब निजी संसाधनों और बसों के माध्यम से ड्यूटी पर जाना पड़ रहा है।
इस परेशानी के समाधान को लेकर दैनिक यात्रियों ने अब रेल मंत्री सहित मंडल रेल प्रबंधक से गुहार लगाई है कि अंबाला से पटियाल सहित ग्रामीण क्षेत्रों से संचालित होने वाली पैसेंजर ट्रेनों के पुन: संचालन को लेकर आदेश जारी किए जाएं ताकि उन्हें राहत मिल सके।
हरिहर चलाने की मांग : पंजाब सहित उत्तराखंड व हिमाचल आदि से कैंट स्टेशन पर आने वाले श्रमिकों ने भी रेलवे को शिकायत दर्ज करवाई है कि सप्ताह के दो दिन चलने वाली ट्रेन नंबर 14523 व 24 का पुन: संचालन किया जाए क्योंकि इस ट्रेन के माध्यम से काफी श्रमिक बिहार की तरफ आवागमन करते हैं।
यह ट्रेनें हो रही संचालित : मौजूदा समय में 14 ट्रेनों का संचालन ही लोकल मार्ग पर हो रहा है, जबकि पहले 20 ट्रेनों का संचालन होता था। रेलवे ने धुंध का हवाला देते हुए छह जोड़ी ट्रेनों के संचालन को दिसंबर से फरवरी माह तक रद्द कर दिया है।
इसमें ट्रेन नंबर 64532 अंबाला-पानीपत, 64541 पानीपत-अंबाला, 64482 व 83 अंबाला-कुरुक्षेत्र-अंबाला, 64516 व 17 नंगलडैम-अंबाला-नंगलडैम, 54557 व 58 अंबाला-पटियाला-अंबाला, 14735 व 36 श्रीगंगानगर-अंबाला-श्रीगंगानगर, 64522 व 23 लुधियाना-अंबाला-लुधियाना दैनिक ट्रेनें शामिल हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं यात्री : सहारनपुर-अंबाला रेल खंड पर बसे गांव बराड़ा, तंदवाल, केसरी आदि से ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में यात्री अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आते हैं और यह यात्री कुरुक्षेत्र, लुधियाना,पटियाला और नंगलडैम जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में सफर करते हैं। इनमें कुछ नौकरी पेशा लोग होते हैं तो कुछ छात्र भी शामिल हैं, वहीं मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों से अंबाला कैंट स्टेशन पर उतरकर ग्रामीण स्टेशनों पर जाने वाले यात्री भी इन्ही दैनिक ट्रेनों पर निर्भर करते हैं।