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Ambala News: पैसेंजर ट्रेनों की नहीं सुधर रही चाल, दैनिक यात्री हो रहे बेहाल

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अनोज कुमार।
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अंबाला। पैसेंजर ट्रेनों की चाल नहीं सुधर रही, इस कारण दैनिक यात्री बेहाल हो रहे हैं। दर्जनों शिकायतों के बाद भी मात्र दो से चार बार ही पैसेंजर निर्धारित समय पर संचालित हो पाई हैं। अब फिर व्यवस्था पुराने ढर्रे पर लौटने लगी है। दैनिक यात्री अनिल कुमार राणा सहित अन्य ने बताया कि मेल व एक्सप्रेस को आगे निकालने के चक्कर में उनकी पैसेंजर ट्रेनों को बीच रास्ते के रेलवे स्टेशन पर बिना मतलब के आधे-आधे घंटे तक रोककर रखा जाता है। इस कारण वो सुबह अपने कार्यस्थल पर पहुंचने में लेट हो जाते हैं और कभी उनकी आधे दिन की तनख्वाह कट जाती है तो कभी छुट्टी भरनी पड़ती है।
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रेल मंत्री सहित डीआरएम से लगाई थी गुहार
पूर्व में भी दैनिक यात्रियों ने पैसेंजर ट्रेनों के देरी से संचालन को लेकर रेल मंत्री सहित मंडल रेल प्रबंधक से गुहार लगाई थी ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। मामले की गंभीरता और दैनिक यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अंबाला मंडल के रेल प्रबंधक ने दिल्ली के रेल प्रबंधक से मंत्रणा की थी कि पैसेंजर ट्रेनों की समय सारिणी में सुधार हो सके। इसके नतीजे सकारात्मक नजर आए और कुछ दिनों तक पैसेंजर ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर गंतव्य स्टेशन पर पहुंची भी, लेकिन अब फिर पैसेंजर ट्रेनों को बेवजह बीच रास्ते रोककर देरी से संचालित किया जा रहा है।

देरी से चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें
ट्रेन नंबर 64512 अंब अंदौरा-हरिद्वारा मैमू, 64545 कुरुक्षेत्र-अंबाला कैंट, 64502 अंबाला कैंट-सहारनपुर, 64522 लुधियाना-अंबाला कैंट, 64514 नंगलडैम-अंबाला कैंट और ट्रेन नंबर 64563 व 64 रायपुर हरियाणा-अंब अंदौरा-रायपुर हरियाणा शामिल हैं जोकि रोजाना कभी बीच रास्ते रोक दी जाती हैं तो कभी देरी से गंतव्य स्टेशन पर पहुंच रही हैं।
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रेलवे मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के समय पर संचालन को लेकर गंभीरता दिखाता है, फिर इस दौरान पैसेंजर ट्रेन चाहे कितनी ही देर बीच रास्ते खड़ी रहे। रेलवे को दैनिक यात्रियों से कोई मतलब नहीं है जबकि ये पैसेंजर ट्रेनें दैनिक यात्रियों के लिए जीवनदायिनी का काम कर करती हैं।
अनोज कुमार।


रेलवे को पैसेंजर ट्रेनों को भी समय पर संचालित करना चाहिए। गंतव्य स्टेशन से चलने के बाद बीच रास्ते के किसी भी स्टेशन पर ट्रेन को रोक देना दिनचर्या में शामिल हो गया है। इस वजह से कार्यालय पहुंचने में भी देरी हो जाती है। पूर्व में कई शिकायतें की थीं तो कुछ दिन तक पैसेंजर ट्रेन सही समय पर चलीं, लेकिन अब वो ही हालात बन गए हैं।
जतिंदर सिंह।

ऐसा नहीं है कि मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन को लेकर बेवजह पैसेंजर ट्रेनों को बीच रास्ते रोक दिया जाता है। हमारी कोशिश रहती है कि सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चलें। लेकिन कई बार रेलवे लाइन पर सुरक्षा से संबंधित कार्य चल रहा होता है तो ट्रेनें भी लेट हो जाती हैं।
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- एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।

अनोज कुमार।

अनोज कुमार।

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