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अभिभावकों ने शाम तक दिया डीईओ कार्यालय पर धरना

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डीईओ कार्यालय में धरने पर बैठे अभिभावक। - संवाद। - फोटो : Ambala
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला सिटी। छात्रों का रिजल्ट न मिलने से परेशान सेसिल कान्वेंट स्कूल के अभिभावकों ने शुक्रवार को डीईओ कार्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी की। जब बात नहीं बनी तो अभिभावकों ने अनिश्चितकालीन धरना दे दिया। हालात यह हो गई कि रात 8 बजे तक अभिभावकों का डीईओ कार्यालय परिसर में धरना चला। हालांकि इस दौरान डिप्टी डीईओ सुधीर कालड़ा ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन पूरी तरह से नाकाम रहे।
डीईओ सुरेश कुमार कार्यालय में उपस्थित नहीं थे। वह किसी मीटिंग में थे। अभिभावकों की एकता के चलते उन्हें बीच में ही बैठक छोड़कर मौके पर पहुंचना पड़ा। करीब 6 घंटे चले प्रदर्शन के बाद डीईओ ने मजबूर होकर स्कूल संचालकों को सख्त निर्देश जारी करते हुए रिजल्ट जारी करने के आदेश पारित किए। आदेश मिलने के बाद ही अभिभावक लौटे। डीईओ ने सभी स्कूल संचालकों को हर हाल में सोमवार को रिजल्ट घोषित करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी।
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करीब दो बजे डीईओ कार्यालय पहुंचे अभिभावकों को पहले डिप्टी डीईओ ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभिभावक कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए और डीईओ से मिलने की बात पर अड़े रहे। अभिभावकों के रवैये को देखते हुए आनन-फानन में डीईओ सुरेश कुमार को कार्यालय में बुलाया गया। अभिभावकों के आने के करीब दो घंटे बाद पहुंचे डीईओ ने करीब 6 बजे तक अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन जब अभिभावकों ने नहीं माना तो डीईओ ने करीब साढ़े 7 बजे जाकर स्कूल के खिलाफ लिखित में कार्रवाई करने और रिजल्ट घोषित करने के आदेश जारी किए। इसके बाद जाकर अभिभावक मान गए।
पत्र में यह जारी किए गए हैं निर्देश
डीईओ ने सेसिल कान्वेंट स्कूल संचालकों के खिलाफ पत्र में टिप्पणी करते हुए लिखा है कि आपने 26 मार्च को कार्यालय में उपस्थिति होकर आश्वासन दिया था कि किसी भी बच्चे का परिणाम नहीं रोका जाएगा लेकिन 2 अप्रैल तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया। इसी कारण आज अभिभावक धरने पर बैठे हैं। विद्यालय की कार्यप्रणाली के चलते विभाग की भी छवि खराब हुई है। इसीलिए आपको निर्देश दिए जाते हैं कि 5 अप्रैल को हर हाल में रिजल्ट ऑनलाइन जारी करें। केवल मासिक ट्यूशन फीस ही ली जाए। इसके अलावा अन्य कोई भी चार्ज आगामी आदेशों तक नहीं लिए जाएं। न ही अभिभावकों से कोई एग्रीमेंट लिया जाए। यदि कोई अभिभावक प्रार्थना पत्र देकर स्कूल छोड़ना चाहता है तो उसे तुरंत सर्टिफिकेट जारी किया जाए।
स्कूल ने वार्षिक फीस न देने के कारण बच्चों का रिजल्ट ही रोक लिया था। जबकि स्कूल ने अधिकारियों को आश्वस्त किया था कि वह रिजल्ट को नहीं रोकेंगे। इस कारण हमें मजबूरी में डीईओ कार्यालय आकर धरने पर बैठना पड़ा। - सुमित।
हमने वार्षिक फीस जमा नहीं करवाई तो स्कूल ने बच्चों का रिजल्ट घोषित नहीं किया। अब जब अधिकारियों ने लिखित में आदेश जारी किए है, तब जाकर थोड़ी राहत महसूस की है। अधिकारियों ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। - परवेश।
रिजल्ट रोकना बहुत बड़ी बात है। इस कारण हमें मजबूरी में आना पड़ रहा है। वरना हमें भी शौक नहीं है कि हम यहां अधिकारियों के सामने आकर धरने पर बैठे। अभी तो अधिकारियों ने लिखित में स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कह दिया है। - तम्मना।
स्कूल की मनमानी के कारण परेशान हो गए है। पिछले कितने ही दिनों से कभी स्कूल तो कभी अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन अब मजबूरी में आकर हमें अधिकारियों के सामने आकर धरना देना पड़ रहा है। - मीनाक्षी।
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हमने अभिभावकों की पूरी बात सुनी है। इसके बाद हमने स्कूल को रिजल्ट घोषित करने के आदेश जारी कर दिए है। अगर फिर भी स्कूल इस ओर ध्यान नहीं देता है तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। - सुरेश कुमार, डीईओ।
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