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पंकज खन्ना आत्महत्या कांड : जिरह पूरी, फैसला सोलह को

Fri, 13 Sep 2013 11:06 PM IST
अंबाला
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अंबाला में पंकज खन्ना आत्महत्या कांड में फंसे मुख्य संसदीय सचिव और नारायणगढ़ के विधायक रामकिशन गुर्जर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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मामले में आरोपी साबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक बार फिर से शुरू की गई प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को अदालत में जिरह खत्म हो गई है। अदालत 16 सितंबर को फैसला देगी कि विधायक पर पंकज को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए आरोपी है या नहीं।

यह है मामला
जून 2009 में एक युवक पंकज खन्ना पुत्र यशपाल खन्ना ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खा लिया था। इलाज के दौरान उसने पीजीआई, चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। मरने से पहले पंकज ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था।
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जिसमें उसने मुख्य ससंदीय सचिव रामकिशन गुर्जर व उनके समर्थक विजय अग्रवाल व अजीत अग्रवाल को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। पीड़ित पक्ष के वकील अनिल कौशिक बताते हैं कि पंकज का कहना था कि वह पहले गुज्जर का ही समर्थक था।

मगर बाद में उसके मामा बसपा में चले गए, तो वह भी उनके साथ शिफ्ट हो गया। इसी  बात को गुज्जर और उनके समर्थक उससे नाराज थे। वकील के अनुसार मृतक का कहना था कि इसी चक्कर गुज्जर के कहने पर अन्य आरोपियों ने उसे पीटा और उसे झूठे मामले में भी फंसाया।


वकील अनिल कौशिक ने बताया कि इस मामले एडिशनल सेशन जज की अदालत ने विधायक बतौर आरोपी समन कर चुकी है। मगर विधायक ने इस पर हाईकोर्ट में रिविजन डाल दी थी।  
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हाईकोर्ट से भी विधायक को राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। लेकिन इसी दौरान शिकायतकर्ता पंकज के पिता यशपाल खन्ना की मौत हो गई। शिकायतकर्ता के निधन की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा इस केस को विचाराधीन के लिए निचली अदालत में भेज दिया है।

वकील के अनुसार बतौर गवाह एएसआई और दो डाक्टर है।
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