पंकज के मुताबिक उनके पिता चार दशक पहले नागालैंड के दीमापुर में टिंबर मर्चेंट का कारोबार करने के लिए चले गए थे और वहीं 4 नवंबर 1980 को उनका जन्म हुआ, लेकिन वहां बच्चों के अपहरण की वारदातों की वजह से मेरी माता रीटा गुप्ता ने मुझे 1990 में दादा के पास भेज दिया गया था, जहां मैने दो साल एसआर पब्लिक स्कूल की जितेंद्र मैडम और गिफ्टी मैडम ने पढ़ाया। आज मैं जो थोड़ी हिंदी बोल पा रहा हूं, यह उनकी की और अंबाला की देन है। इसके बाद मैने 1997 में कुरुक्षेत्र के भगवान परशुराम कॉलेज में बीबीए के लिए दाखिला लिया था, लेकिन यह पढ़ाई छोड़ इसके बाद कोलकाता के जयपुरिया कॉलेज से ग्रेजुएशन की। इसके बाद मैंने अमेरिका में दो साल तक फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया।
टॉप डिजाइनर हैं धर्मपत्नी, 2003 में गिनीज बुक में नाम दर्ज
टॉप डिजाइनर रमीला मेनपुल मूल रुप से नेपाल की नागरिक हैं और पंकज से पहला मिलाप भी मिलान में ही हुआ था। चार साल पहले इन्होंने विवाह किया। पंकज ने बताया कि गिनीज बुक में उनकी पत्नी का नाम 26 जनवरी 2003 से दर्ज है।
नहीं बनना था मुझे सिर्फ नोट गिनने वाला
बातचीत में पंकज गुप्ता ने कहा कि मुझे सिर्फ नोट गिनने वाला नहीं बनना था। इसलिए कुछ अलग करने के उद्देश्य से फैशन इंडस्ट्री से जुड़ गया और वहां खूब सफलता भी मिली। उन्होंने बताया इटली के मिलान को फैशन का वर्ल्ड कैपिटल कहा जाता है। जहां मैं इकलौता भारतीय हूं, जो मिलान फैशन कैपिटल में रजिस्टर्ड है।
पंकज ने बताया कि दुनिया की फैशन इंडस्ट्री के लिए मिलान भविष्यवाणी करता है कि अगले दो साल बाद कौन सा फैशन दुनिया में आएगा। वहीं से मैने एक रुपरेखा तैयार की और दुनिया को बताया कि अगला बड़ा और अनोखा फैशन शो कहां होगा और 26 जनवरी 2020 तथा 30 सितंबर 2021 को वर्ल्ड फैशन शो माऊंट एवरेस्ट पर रखा और दोनों गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है।
देश की झोली में उपलब्धी
पंकज गुप्ता वर्तमान में टी सीरीज कंपनी के एडवाइजर हैं और भारत में दिल्ली, नोएडा सहित फैशन इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े संस्थानों में क्लास लेने के लिए आते हैं। उनका कहना है कि उन्हें उनकी ताई श्यामा गुप्ता (अंबाला) सहित परिवार, रिश्तेदारों से खूब बधाइयां मिल रही हैं और मुझे अच्छा लगा कि मैं नोट गिनने की बचाए, भारत की झोली में कुछ उपलब्धि डाल सका।