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Ambala News: मंडियों में डिजिटल कांटे से नहीं हो रही धान की तौल

Thu, 09 Oct 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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अंबाला शहर नई अनाज मंडी में धान को सुखाते हुए मजदूर। संवाद - फोटो : बंधुआकला के बबुरी गांव में रोते-बिलखते परिजन।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला सिटी। मंडियों में बुधवार को धूप निकलने पर किसान धान लेकर पहुंचे। सुबह से ही मौसम साफ होने पर धान की ट्रालियां मंडी में आती रहीं। मंडी में किसानों की फसल को सुखाया गया ताकि नमी कम हो सके। मंडियों में बुधवार दोपहर तक धान गीला होने से तौल नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि मंडियों में 2,50,625.51 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, लेकिन अभी तक मंडियों में सरकार के निर्देश के बाद भी डिजिटल कांटे नहीं लगाए गए हैं। साधारण कांटों से ही तौल की जा रही है, वहीं, जिले की मंडियों में शाम 5 बजे तक 10,740.41 मीट्रिक टन की बिक्री हो चुकी थी। इसी तरह डीएफएससी एजेंसी की ओर से 225 करोड़ में से 95 करोड़ और हैफेड की ओर से 250 करोड़ में से 101 करोड़ का भुगतान हो चुका है।

मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौल की यूनियन कर चुकी मांग

भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह मंडियों में डिजिटल कांटे से धान की तौल की मांग कर चुकी है। इसके अलावा मार्केट कमेटी की ओर से भी आढ़तियों को डिजिटल कांटे लगाने के लिए सरकार का पत्र भेजा गया है, लेकिन डिजिटल कांटे नहीं लगाए गए। डिजिटल कांटे को लेकर आढ़तियों का तर्क है कि यह डिजिटल कांटा लगातार तौल के लिए कामयाब नहीं है। इनका बैटरी बैकअप भी ज्यादा नहीं है। इन कांटों को मंडियों में इधर से उधर लेकर जाने में भी दिक्कत आती है। वहीं, आढ़ती गौरव गुप्ता ने बताया कि बारिश के बाद मंडी में बुधवार को धान आया है। नमी ज्यादा होने से धान को सुखाया जा रहा है। किसान बलजिंद्र सिंह ने बताया कि मंडी में वह अपनी फसल लेकर आए हैं। नमी ज्यादा होने से धान को सुखाया जा रहा है। सरकार की ओर से भुगतान भी शुरू हो गया है।
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अभी पूरे महीने तक चल सकता है सीजन
सुबह से शाम तक बुधवार को मंडी में धान पहुंचा। दो दिन से खाली दिखने वाली अंबाला शहर मंडी में बुधवार को धान आया। धान को सुखाने के साथ ही उठान कार्य भी लगातार हो रहा है। मंडियों में पूरे महीने तक धान आने के आसार हैं। अभी खेतों में 60 प्रतिशत कटाई न होने से धान की फसल खड़ी है। बारिश होने से धान कटाई लेट हो गई है।

-आढ़तियों को डिजिटल कांटे से तौल करने में कोई समस्या नहीं है। इन कांटों को इधर-उधर लेकर जाने में समस्या आती है। यह कांटे अनाज मंडी में चल नहीं सकते। इनका बैटरी बैकअप भी कम है।
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- मक्खन गोयल, मंडी प्रधान, कच्चा आढ़ती एसोसिएशन, अंबाला शहर।

-आढ़तियों को डिजिटल कांटे लगाने के लिए सरकार की ओर से आया पत्र भेजा गया है। अभी मंडी में डिजिटल कांटे नहीं लगे हैं।
- दलेल सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी अंबाला शहर।

अंबाला शहर नई अनाज मंडी में धान को सुखाते हुए मजदूर। संवाद- फोटो : बंधुआकला के बबुरी गांव में रोते-बिलखते परिजन।

अंबाला शहर नई अनाज मंडी में धान को सुखाते हुए मजदूर। संवाद- फोटो : बंधुआकला के बबुरी गांव में रोते-बिलखते परिजन।

अंबाला शहर नई अनाज मंडी में धान को सुखाते हुए मजदूर। संवाद- फोटो : बंधुआकला के बबुरी गांव में रोते-बिलखते परिजन।

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