संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। मध्य प्रदेश में खांसी के सिरप में गड़बड़ी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सचेत हो गया है। अंबाला कैंट स्थित वेयरहाउस से अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर में दवाओं की सप्लाई होती है।
मध्य प्रदेश की घटना के बाद से किसी भी अस्पताल से बच्चों को खांसी में दी जाने वाली कफ सिरप डायफिनहेड्रामिन की मांग ही नहीं आई है, जबकि महीने के शुरुआत में ही जिला अस्पतालों से दवाओं की मांग भेज दी जाती है।
वेयर हाउस के मैनेजर डॉ. विशाल गुप्ता का कहना है कि उनके पास आधिकारिक जानकारी नहीं है कि यह दवा क्यों नहीं मंगाई गई। यह सिरप एक साल से ऊपर के बच्चे को अलग-अलग डोज के हिसाब से दिया जाता है। किसी भी दवा में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए हरियाणा में एक अलग ही जांच तंत्र है, वहीं दूसरी तरफ बारिश सीजन के बाद अचानक सर्दी बढ़ गई। बारिश होने से फिर से मौसम बदल गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम परिवर्तन होने से खांसी, बुखार व जुखाम के मरीज बढ़ गए। शहर के जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, इनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना करीब 100 बच्चे पहुंच रहे हैं, इनमें से 30 से 35 बच्चों में खांसी, बुखार व जुकाम की समस्या देखने को मिल रही है।