मंडी में सड़क पर पड़ा धान। संवाद
- फोटो : Samvad
अंबाला सिटी। अंबाला सिटी और कैंट की अनाज मंडियों में धान की आवक तो शुरू हो चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद के अभाव में किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंडियों में अपनी उपज लेकर पहुंचे किसान फसल की रखवाली के लिए रात-दिन पहरा देने को मजबूर हैं।
शुक्रवार को अंबाला सिटी की अनाज मंडी में 1509 किस्म की 71 मीट्रिक टन धान की ही तौलाई हो सकी। पीआर धान की खरीद पूरी तरह ठप रही। दिनभर में केवल 23 गेट पास ही काटे जा सके। गेट पास के लिए पोर्टल पर लॉगिन न आने से भी अधिकारियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरी मंडी धान की ढेरियों से पटी पड़ी है, लेकिन तौलाई का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों का कहना है कि उन्हें मंडी में अपनी फसल खुले आसमान के नीचे बिछाकर रखनी पड़ रही है। मौसम की मार और चोरी के डर से वे रातभर जागकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। गांव मटहेड़ी निवासी सुखविंदर सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वे वीरवार से मंडी में पीआर धान लेकर बैठे हैं, लेकिन अब तक कोई सुध लेने वाला नहीं है। वहीं गांव सुल्लर निवासी किसान परमवीर सिंह ने कहा कि सरकारी खरीद न होने से मंडी में केवल इंतजार ही बचा है। रात में फसल के पास ही सोना पड़ रहा है।
मंडी में पैदा हुए इस हालात पर मंडी सचिव दलेल सिंह का कहना है कि पीआर धान की तौलाई के लिए अभी तक शासन की ओर से कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश मिलते ही तुरंत तौलाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा गेट पास के लॉगिन में आ रही तकनीकी दिक्कतों को भी दुरुस्त कराया जा रहा है। फिलहाल अंबाला कैंट और सिटी दोनों ही मंडियों में किसान सरकारी खरीद का रास्ता देख रहे हैं। यदि जल्द ही खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं हुई, तो मंडियों में जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। ब्यूरो
मंडी में सड़क पर पड़ा धान। संवाद- फोटो : Samvad
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