संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा सरकार के निकाय विभाग ने कैंटोनमेंट बोर्ड को नहरी पानी देने से इन्कार कर दिया है। विभाग का कहना है कि वो खुद पानी की कमी से जूझ रहे हैं।
ऐसे में कैंटोनमेंट बोर्ड ने इस प्रस्ताव को आगामी निर्देश तक स्थगित कर दिया है, वहीं गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से निपटने के लिए नया प्रस्ताव तैयार कर लिया है जोकि बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
तैयार प्रस्ताव के तहत प्राथमिक चरण में तालाबों में फिल्टर प्लांट लगाने की योजना है ताकि यहां से सीधा पानी लोगों के घरों तक पहुंच सके, वहीं दूसरे चरण में बोर्ड क्षेत्र में तीन ओवर हैड टैंक बनाने की योजना है ताकि पानी को यहां एकत्रित करके रखा जा सके और फिर फिल्टर करके लोगों के घरों तक पहुंचाया जा सके।
इन दोनों योजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए सलाहकार की मदद ली जा रही है ताकि योजनाओं पर होने वाले खर्च की अनुमानित लागत और जगह का निर्धारण हो सके।
जोहड़ को बनाया तालाब : कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में मौजूदा समय में चार झील हैं, इन्हें पानी का तालाब भी कहा जाता है। बारिश के दिनों में इन चार तालाबों में पानी को एकत्रित किया जाता है और यहां लगे फिल्टर प्लांट से इन्हें रिहायशी क्षेत्र में स्थित ट्यूबवेलों तक पहुंचाया जाता है ताकि स्थानीय लोग पानी का इस्तेमाल कर सकें, वहीं भूमिगत पानी संग्रहण के लिए भी 20 से अधिक पाइप जमीन में डाले गए हैं जोकि पानी को सोख कर भूगर्भ में भेजते हैं। पहले यहां गंदे पानी के जोहड़ होते थे, जिन्हें बोर्ड ने पानी की किल्लत को देखते हुए तालाब में परिवर्तित किया था।