अंबाला। इस साल बीते नौ माह में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों व अन्य नशा मुक्ति केंद्रों पर 1,21,579 मानसिक रोगियों ने उपचार लिया, जिनमें सबसे अधिक पुरुष मरीज हैं, इसके साथ ही मानसिक रोगों से सर्वाधिक 18 से 45 वर्ष की उम्र के वयस्क प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार इस साल (जनवरी से सितंबर तक) प्रदेश में जिन मरीजों ने मानसिक बीमारियों का उपचार लिया, उनमें 85,531 पुरुष थे, जबकि महिलाएं 628 थीं, इसमें भी उपचार कराने वालों में 53,550 मरीज 18 से 45 वर्ष के सामने आए।
मानसिक स्वास्थ्य माह में करेंगे जागरूक
स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में 10 अक्तूबर से 10 नवंबर तक विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह मना रहा है, जिसमें आपदा और संकट की स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच काे सुनिश्चित करना है, इसमें कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
पानीपत, सोनीपत और सिरसा के नशा मुक्ति केंद्र सर्वश्रेष्ठ
रिपोर्ट के अनुसार सेवा गुणवत्ता के मामले में सबसे अच्छी सेवा देने वाले जिले सिरसा, पानीपत और सोनीपत के नशा मुक्ति केंद्र शीर्ष पर हैं। वहीं सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों के लिए स्टार-रेटिंग प्रणाली शुरू की गई है, जिसमें मूल्यांकन किए गए 101 केंद्रों में से, चार केंद्रों को पांच-स्टार और 45 केंद्रों को चार-स्टार रेटिंग मिली है।
उम्र के अनुसार मानसिक बीमारियों में उपचार पाने वाले मरीज
18 वर्ष से कम उम्र वाले- 460 (0.5 प्रतिशत)
18 से 45 वर्ष- 53550 (61.6 प्रतिशत)
45 से 60 वर्ष- 21223 (24.5 प्रतिशत)
60 वर्ष से अधिक- 11376 (13.1 प्रतिशत)
नशा मुक्ति केंद्रों का बुनियादी ढांचा
राज्य में उपचार सुविधाओं का एक मजबूत नेटवर्क स्थापित किया गया है। प्रदेश में 20 सरकारी नशा मुक्ति केंद्र कार्यरत हैं, इसके साथ ही 80 निजी नशा मुक्ति केंद्र पंजीकृत हैं, जिनमें 1,083 बेड उपलब्ध हैं। सरकारी और निजी केंद्रों को मिलाकर उपचार के लिए 1488 बेड की क्षमता प्रदेश के पास है, जिसमें सरकारी केंद्रों में 405 और निजी केंद्रों में 1,083 बेड हैं। वहीं जिलों में 30 और मेडिकल कॉलेजों में 38 मनोचिकित्सक तैनात किए गए हैं। वर्ष 2025 में, कुल 77 चिकित्सा अधिकारियों को विशेष रूप से नशा मुक्ति देखभाल में प्रशिक्षित किया गया है।
दवाओं की उपलब्धता में अंबाला-करनाल आगे
स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में आवश्यक मानसिक और नशा मुक्ति दवाओं की उपलब्धता का आकलन किया, जिसमें अंबाला, करनाल और सिरसा जिला ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। अंबाला में 54 प्रकार की दवाएं, करनाल में 48 प्रकार की दवाएं और सिरसा में 47 प्रकार की दवाओं का प्रबंधन मिला।
मानसिक स्वास्थ्य ओपीडी में बढ़ोतरी
वित्त वर्ष- ओपीडी (मरीज लाख में)
2020-21 1.32
2021-22 1.98
2022-23 2.68
2023-23 3.15
2024-24 4.11
2025-26 2.10
मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाओं में काफी वृद्धि हुई है। मरीजों को कवर करना, उन तक दवाओं की उपलब्धता, नशा मुक्ति केंद्रों की सेवाओं को अच्छा करना आदि श्रेणियों में आकलन किया गया था, जिसमें अच्छे परिणाम आए हैं। अब मानसिक स्वास्थ्य दिवस माह में हम जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से उपचार से वंचित मरीजों तक पहुंचेंगे।
-डॉ. हितेश, उप -निदेशक, मानसिक स्वास्थ्य, हरियाणा