गुजरात के दो गांवों के विकास की कहानी का अध्ययन करने के लिए अंबाला सिटी के 31 गांवों के सरपंच 20 से 25 नवंबर तक इन गांवों के टूर पर रहेंगे। देश के पहले डिजिटल गांव अकोदरा सहित गांव पुंसरी में यह सरपंच देखेंगे कि कैसे इन गांवों में डिजिटल क्रांति आई और इन गांवों का विकास हुआ। यह सारा खर्च विधायक असीम गोयल अपने स्तर पर उठा रहे हैं।
यह खासियत है दोनों गांवों की
गुजरात के साबरकंडा जिला का पुंसरी गांव देश का पहला ऐसा आदर्श गांव है, जिसमें सरपंच हिमांशू पटेल ने केंद्र व राज्य सरकार की सभी विकासात्मक, जनकल्याण, रोजगार व स्वरोजगार योजनाओं को लागू करवाया है। इस गांव में लोगों के लिए आधुनिक तकनीक से युक्त पेयजल, विद्युत, सौर ऊर्जा, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कंप्यूटर प्रशिक्षण सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इस गांव के सरपंच को तीन बार सम्मानित किया जा चुका है। गुजरात के ही अकोदरा नामक गांव ऐसा गांव है, जहां पर डिजिटल तकनीक को अपनाया गया है। ग्राम पंचायत का पूरा कार्य पेपरलैस व कैशलैस है। सभी कार्य डिजिटल तरीके से ऑनलाइन होते हैं तथा पंचायत के सभी फंडों व खर्चों का भुगतान भी ऑनलाइन किया जाता है।
यह लोग जाएंगे अध्ययन टूर पर
इस दौरा कार्यक्रम में 31 सरपंच अथवा सरपंच प्रतिनिधियों के साथ मार्केट कमेटी अंबाला शहर व नन्यौला के चेयरमैन, ब्लॉक समिति सदस्य, भाजपा मंडल के विभिन्न प्रतिनिधि, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रताप सिंह, दो सचिव और दो जेई सहित कुल 48 सदस्य इन गांवों का अध्ययन करेंगे। जिन सरपंचों को अध्ययन दौरे पर ले जाया जा रहा है, उनमें गांव बलाना, धुराला, डडियाना, काठगढ़, भानोखेड़ी, कौलां, उगाड़ा, सुल्लर, भुन्नी, सारंगपुर, नडियाली, जलबेड़ा, सौंटी, नन्यौला, निजामपुर, बकनौर, भुडंगपुर, कंगवाल, निहारसा, मटेडी जटान, जोधपुर, धुरकड़ा, उदयपुर, भड़ी, घेल, कुर्बानपुर, बटरोहण, सैनी माजरा, इस्माईलपुर शामिल हैं।
अंबाला सिटी के गांवों को डिजिटलाइजेशन के लिए प्रेरित करने का यह प्रयास है। इस अध्ययन दौरे के बाद सभी गांवों के सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य व अन्य प्रतिनिधि अपने गांवों में इन तकनीकों को अपनाकर सरकार की योजनाओं व कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करेंगे।
- असीम गोयल, विधायक अंबाला सिटी