कुरुक्षेत्र। जिला मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी दिनेश कुमार मित्तल ने 19 जून 2023 को हुई एक सड़क दुर्घटना मामले में फैसला सुनाते हुए मृतक सिंह राम के परिवार को कुल 5.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है, साथ ही याचिका दाखिल करने की तारीख से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी जोड़ा जाएगा।
यह मामला सिंह राम की धर्मपत्नी दुलारी देवी व उनके दो बेटे राजिंदर कुमार और हुकम चंद तथा चार विवाहित बेटियां शामिल ने अदालत में दायर किया था। वादी पक्ष ने दावा किया कि दुर्घटना के समय सिंह राम (70) साइकिल पर जा रहे थे, उसी समय पानीपत निवासी अनिल कुमार उर्फ बल्ली के कैंटर ने गलत साइड से आकर उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सिंह राम को गंभीर चोटें आईं और लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
ट्रिब्यूनल ने गवाह मृतक के बेटे और प्रत्यक्षदर्शी राजिंदर कुमार के बयान, एफआईआर, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर इस दुर्घटना के पीछे पूरी तरह चालक की लापरवाही को माना। आरोपी पक्ष ने दुर्घटना से इनकार किया, लेकिन कोई सबूत पेश नहीं कर पाया। इंश्योरेंस कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस ने ड्राइविंग लाइसेंस और पॉलिसी उल्लंघन का दावा किया, जिसे खारिज कर दिया गया क्योंकि लाइसेंस वैध था।
मुआवजे की गणना में मृतक की उम्र 70 वर्ष मानते हुए ट्रिब्यूनल ने मृतक की औसतन आय 10 हजार रुपये मासिक मानी। सात आश्रितों को ध्यान में रखकर प्रत्येक को वार्षिक निर्भरता के रूप में 96 हजार रुपये देते हुए। परिवार को कुल 4.80 लाख रुपये मुआवजा। इसमें विधवा को वैवाहिक सुख की क्षति के लिए 40 हजार रुपये, अंत्येष्टि व संपत्ति क्षति के लिए 30 हजार रुपये जोड़े गए।
विवाहित बेटियों के अपने हिस्से का मुआवजा मां को देने की सहमति पर मुआवजे का 80 प्रतिशत हिस्सा दुलारी देवी को और शेष 20 प्रतिशत दोनों बेटों को देने का आदेश दिया। इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा चुकाने का निर्देश दिए।