माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान एवं संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विरोध प्रदर्शन के तहत भारतीय किसान यूनियन ने भारत-अमेरिका के बीच हुए कृषि व्यापार समझौते के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। किसानों ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता लिखित पर्चियों को आग के हवाले कर रोष जताया।
रतनमान ने कहा कि इस समझौते के तहत भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले कृषि उत्पादों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। जबकि अमेरिका से भारत आने वाले उत्पादों पर शून्य प्रतिशत शुल्क होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसा व्यापार समझौता है। जिसमें एक तरफ भारतीय किसान पर बोझ डाला जा रहा है और दूसरी तरफ विदेशी उत्पादों को खुली छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह नीति देश को आर्थिक रूप से कमजोर और किसानों को आत्मनिर्भरता से दूर ले जाने वाली है। रत्तनमान ने बुजुर्गों की काटी गई बुढ़ापा पेंशन को लेकर दो टूक कहा कि सरकार की नीतियां बुजुर्गों को अपमानित और प्रताड़ित करने वाली हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने बिना देरी किए सभी बुजुर्गों की पेंशन बहाल नहीं की तो पूरे हरियाणा में आंदोलन होगा।
सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुशील गुर्जर ने गरजते हुए कहा कि भाजपा सरकार की तानाशाही के खिलाफ देश के सभी संघर्षशील संगठन लामबंद हो रहे हैं। इस मौके पर कर्मचारी नेता सेवा सिंह बडसर, सुरेंद्र सांगवान, सुरेंद्र घुम्मन, श्याम सिंह मान, मेहताब कादियान, राजकुमार नौतना सहित काफी संख्या में किसान, मजदूर, कर्मचारी मौजूद रहे।