अंबाला। कालका-शिमला रेल खंड के सबसे अहम पुल नंबर 800 के दुरुस्त होते ही आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पैनोरमिक कोच के संचालन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
रेल कोच कपूरथला के विशेषज्ञों ने कोच में आई खामियों को दूर कर दिया है। अब परीक्षण के तुरंत बाद किराए का निर्धारण किया जाएगा, जिससे कि सर्दियों के दौरान सैलानी बर्फबारी का आनंद उठा सकें।
छह माह से लंबित परियोजना
लगभग छह माह से पैनोरमिक कोच के संचालन की परियोजना लंबित चल रही है। दर्जनों बार परीक्षण करने के बाद भी खामियां सामने आ रही थीं। कभी ट्रेन के ऊंचाई पर चढ़ने के दौरान दिक्कत आ रही थी तो कभी कोच में यात्री सुविधाओं को लेकर। इसलिए इस बार बेहद ही बारीकी से सिल-सिलेवार प्रत्येक खामी को चेक किया गया है, जिससे कि परीक्षण सफल हो और फिर रेलवे से हरी झंडी मिलते ही नए कोच का संचालन आरंभ हो सके।
पैनोरमिक कोच की सुविधाएं
रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला की टीम ने पैनोरमिक कोच को यात्री सुविधाओं के हिसाब से तैयार किया है ताकि वो हरियाली से भरपूर विश्व धरोहर प्राप्त रेल खंड का अवलोकन कर सकें। पैनोरमिक कोच में बड़ी खिड़कियां लगाई गई हैं। इससे यात्रियों को बाहर का दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई देगा और वो यात्रा के दौरान प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा कोच में सीसीटीवी कैमरे, फायर अलार्म और अन्य सुरक्षा उपकर भी लगाए हैं।
वर्जन
मानसून आने वाला है इसलिए बेहद गंभीरता से विश्व धरोहर रेल खंड कालका-शिमला के पुल नंबर 800 को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। इसके बाद पैनोरमिक कोच के संचालन की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।