अंबाला। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल का वीरवार को अंबाला में मिलाजुला असर देखने को मिला। कैंट नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने हड़ताल कर विरोध जताया तो सिटी नागरिक अस्पताल में किसी डॉक्टर ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। कैंट नागरिक अस्पताल में करीब आधा दर्जन डॉक्टरों ने नियमित तौर पर मरीजों को जांचा। इसके चलते दांतों, महिलाओं, बच्चों व आयुर्वेदिक व जरनल मेडिसन की ओपीडी चली। इस समय अंबाला में कुल 261 डॉक्टर हैंं। जिनमें से 31 डॉक्टर वीरवार को हड़ताल पर रहे।
करीब 1100 मरीजों ने अपना उपचार करवाया। हालांकि रोजाना 2300 ओपीडी होती है। बाकी ओपीडी में भी एनएचएम व इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों ने कुछ-कुछ समय के लिए मोर्चा संभाला था लेकिन इनमें मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। उपचार के लिए घंटों परेशान होना पड़ा। जो मरीज स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पास आए या फिर उनके द्वारा ओपीडी में चैकअप के लिए बुलाया गया था उन्हें बेहद परेशानी उठानी पड़ी। कुछ तो जरनल ओपीडी में दिखाकर घर लौट गए तो कुछ ने प्राइवेट का सहारा लिया।
कैंट नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने एकजुट होकर जताया रोष
डॉक्टरों ने अपनी-अपनी ओपीडी छोड़कर कैंट नागरिक अस्पताल के कांफ्रेंस हॉल में एकजुट होकर रोष जताया। डॉ. जतिंद्र सिंह चौहान ने बताया एचसीएमएस के सदस्य हड़ताल पर है। यह मुद्दे कोई नहीं मुद्दे नहीं है बल्कि पुराने मुद्दे हैं, सरकारी पिछले एक दो साल से मुंह मोड़ती आ रही है। सरकार ने कहा था कि डॉक्टर की सभी मांगे जायजा है। जल्द ही इसको नोटिफाई कर देंगे। सांकेतिक हड़ताल के बाद कई दौर की वार्ता भी हुई थी। उस पर सहमति भी बनी थी कि इस पर जल्द ही नोटिफिकेशन आ जाएगा। अभी तक मांगों को पूरा करते हुए कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं की गई। मरीजों को कोई दिक्कत न हो इसलिए ही सांकेतिक हड़ताल की थी लेकिन सरकार ने नहीं मानी। रात को जो मरीज आए थे उन्हें देखा गया है। नए मरीजों को रेफर कर रहे हैं।
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कैंट नागरिक अस्पताल ओपीडी के रजिस्ट्रेशन की स्थिति
आयुर्वेदिक ओपीडी - 95
डेंटल ओपीडी - 104
जनरल मेडिसन ओपीडी - 391
जनरल सर्जरी ओपीडी - 41
गायनी ओपीडी - 264
बाल रोग विशेषज्ञ ओपीडी - 101
इसके लिए कुछ ओपीडी के अन्य कार्ड बने...
हर्निया का होना है ऑपरेशन, दाखिल होने के कारण कर रहे इंतजार
नारायणगढ़ निवासी जसविंद्र सिंह ने बताया कि कल हर्निया का ऑपरेशन है इसलिए बुलाया गया था। अस्पताल आने पर पता चला कि हड़ताल है। दाखिल होने के लिए सुबह दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं ताकि डॉक्टर आए।
छाती में दर्द होने के कारण पहुंची अस्पताल
नारायणगढ़ निवासी बबली ने बताया कि छाती में दर्द होने के कारण वह सुबह ही किराया खर्च कर अस्पताल आ गई थी। 3 घंटे बाद भी डॉक्टर नहीं मिले हैं। इंतजार करने के लिए बोला गया है कि जल्द ही डॉक्टर आ जाएंगे।
पथरी का दर्द, दो घंटे से कर रहे इंतजार
केसरी गांव निवासी गुसिंद्र सिंह ने बताया कि पथरी का दर्द हो रहा है। अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद अस्पताल में डॉक्टर से दवा लेने के लिए आए थे। इमरजेंसी से ओपीडी में भेज दिया था, यहां कोई डॉक्टर ही नहीं। दो घंटे से केवल इंतजार ही करना पड़ रहा है। शायद दवा मिल जाए।
कैंट में हड़ताल के बावजूद प्रभावित नहीं हुई स्वास्थ्य सेवाएं: सीएमओ
अंबाला सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने बताया कि हड़ताल के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं कोई प्रभावित नहीं हुई है। जो डॉक्टर हड़ताल पर है उनकी जानकारी हेडक्वार्टर की तरफ से मांगी गई है, वह भेजी जाएगी। सिटी में हड़ताल नहीं थी। कैंट में कुछ डॉक्टर हड़ताल पर थे तो उनसे मिलने के लिए वह खुद गए थे। पीएमओ संग डॉक्टरों से मुलाकात की गई थी। बताया गया था कि हेडक्वार्टर की तरफ से बताया गया है कि डॉक्टरों की सभी मांगों को लेकर चर्चा चल रही है उन्हें हड़ताल से वापस आना चाहिए। सिटी में कोई असर नहीं देखने को मिला। कैंट में डॉक्टर हड़ताल पर थे लेकिन इमरजेंसी सहित अन्य कुछ भी प्रभावित नहीं हुआ।