नारायणगढ़। कस्बे के रतोर गांव में हुए हत्याकांड ने लोगों के दिलों को दहला दिया है। सबसे अधिक असर तो हमले में बालबाल बचे पिता ओम प्रकाश पर पड़ा है। वह अभी भी अपने गांव नहीं आ पा रहे हैं। वह अपनी बेटी के घर पर रह रहे हैं। उनके दो बेटियां हैं ऐसे में दामाद ने भी उन्हें हिम्मत देनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही पिता ओमप्रकाश को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं भूषण जेल से छूटकर न आ जाए और दोबारा से उन पर हमला न कर दे या इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपी से हमला न करा दे।
ऐसे में यह चिंता अब उनके भीतर घर कर गई है। यह बात उन्होंने अपने रिश्तेदारों के साथ भी साझा की है। इसीलिए वह बार-बार पूछ रहे हैं कि सभी पकड़ लिए हैं या नहीं। सभी आरोपी जेल गए हैं या नहीं। वहीं दूसरी तरफ रतोर गांव में भी कुछ अच्छी स्थिति नहीं है। यहां स्थानीय लोगों की मानें तो जिनके खेत भूषण के घर के आसपास हैं वह दिन के समय खेतों में काम करने जा रहे हैं। जैसे ही शाम आती है वह अपने घरों को चले आते हैं। यहां तक कि उस तरफ कोेई देखने भी नहीं आ रहा है। वहीं हत्याकांड में मुख्य आरोपी भूषण और मृतक हरीश का घर अभी भी खुला पड़ा हुआ है। यहां कोई ताला तक लगाने वाला नहीं आया।