अंबाला। कंबोपुरा के सरपंच की मौत के केस में फंसे हरियाणा सरकार में परिवहन मंत्री रहे ओपी जैन और मुख्य संसदीय सचिव जिलेराम शर्मा को पुलिस शनिवार शाम को अंबाला सेंट्रल जेल लाई।
अगली पेशी तक दोनाें अंबाला सेंट्रल जेल में ही रहेंगे। दोनों को हवालाती बैरक में ही रखा गया है। उल्लेखनीय है कि कंबोपुर के सरपंच की हत्या के बाद उसके बेटे की शिकायत पर पुलिस ने उक्त दोनों नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था।
बेटे का कहना था कि उसके पिता की आरोपियों से किसी काम को लेकर रुपयों के लेन-देन की बात हुई थी। मगर बाद में उसके पिता की मौत हो गई थी। उनके शरीर पर निशान भी मिले थे।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में दोनों नेताओं को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। अब पिछले दिनों सीबीआई अदालत ने आरोपियों के इस मामले में गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
मगर दोनों आरोपी सीबीआई की आंखों में धूल झोंककर लगातार फरार होते रहे। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद शनिवार को दोनों ने पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया। जहां से सीबीआई ने दोनों नेताओं को अगली पेशी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस इन दोनों नेताओं को जेल में न्यायिक हिरासत में रखने के लिए शनिवार शाम को अंबाला सेंट्रल लेकर आई है। जेल सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं को हवालाती बैरक में ही रखा गया है। उन्हें दूसरे हवालातियों के साथ ही रहना पड़ेगा। जेल पहुंचने के बाद दोनों के चेहरों पर चिंता और घबराहट साफ झलक रही थी।
दोनों गुमसुम से बैरक में बैठे रहे और काफी देर तक अन्य हवालातियों से कोई बात नहीं की।