संवाद न्यूज एजेंसी
- अमेरिका में रह रहा पड़ोसी बनकर भेजी थी फ्रेंड रिक्वेस्ट
अंबाला सिटी। जटवाड़ गांव, भागता पट्टी निवासी जशवंत सिंह से ठगों ने अमेरिका में रहने वाले उनके पड़ोसी प्रदीप सिंह की फर्जी फेसबुक और व्हाट्सएप आईडी बनाकर 1,10 लाख रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता जशवंत सिंह ने पुलिस को बताया कि 24 सितंबर को उनके फेसबुक पर गांव के ही प्रदीप सिंह (जो वर्तमान में अमेरिका में रहता है) की डीपी (फोटो) लगी आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। जशवंत ने उसे अपना पड़ोसी समझकर स्वीकार कर लिया। इसके बाद मैसेज के जरिए बातचीत शुरू हुई। ठग ने खुद को प्रदीप बताते हुए कहा कि वह भारत पैसे भेजना चाहता है और बैंक वाले इसकी पुष्टि करेंगे। इसके बाद आरोपी ने वेस्टर्न यूनियन की 10,40,600 लाख रुपये की एक फर्जी रसीद व्हाट्सएप पर भेजी।
विश्वास जीतने के लिए ठगों ने एक अन्य व्हाट्सएप नंबर से वॉयस कॉल कर खुद को एसबीआई मुंबई शाखा का अधिकारी बताया और कहा कि रकम खाते में आ गई है, जिसे 24 घंटे बाद निकाला जा सकता है। इसके तुरंत बाद ठग ने पीड़ित से कहा कि अमेरिका भेजने वाले एजेंट के 2,45,000 लाख रुपये तुरंत देने हैं, नहीं तो उसका वीजा रद्द हो जाएगा और उसे जेल हो जाएगी। जशवंत ने मदद की नीयत से एजेंट के दिए गए नंबर पर संपर्क किया। एजेंट बने आरोपी ने दबाव बनाया, जिस पर जशवंत ने अपने यूको बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 1,10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
दोस्त को फोन किया तो ठगी का हुआ खुलासा
पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब जशवंत ने अपने एक दोस्त से बात की, तो उसे धोखाधड़ी का अंदेशा हुआ। पीड़ित ने जब अमेरिका में रह रहे पड़ोसी प्रदीप के पास फोन करके पूछताछ की, तो उसने किसी भी तरह की बातचीत या पैसे मांगने की बात से साफ इन्कार कर दिया। जांच अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मामले में प्रयुक्त व्हाट्सएप नंबरों, यूपीआई आईडी और बैंक खातों को खंगाला जा रहा है।