कोरोना को मात देने के बड़े-बड़े दावे तो किए जा रहे हैं। मगर अभी भी कई खामियों से मरीजों और तीमारदारों को जूझना पड़ रहा है। हालात यह है कि जिला नागरिक अस्पताल में 5 एंबुलेंस है लेकिन इनमें से केवल एक पर ही ईएमटी है। गाड़ी संख्या एचआर01एक्यू 8763 एडवांस एंबुलेंस सर्विस पर ही ईएमटी की सुविधा है। इसके अलावा किसी भी एंबुलेंस पर ईएमटी नहीं है। इस एंबुलेंस को छोड़कर दूसरी एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था नहीं है। जब कोरोना संक्रमित मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत होती है तो परिजनों को खुद व्यवस्था के लिए बोलकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। अस्पताल में अडल्ट ऑक्सीजन मास्क भी नहीं है।
ऐसा ही मामला शुक्रवार को सामने आया। जब मरीज सुभाष चंद्र को एक घंटे तक सेक्टर-32 चंडीगढ़ जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। फ्लीट मैनेजर अंजलि से परिजनों ने बात की, उसके बावजूद भी एंबुलेंस नहीं आई। इसके बाद सिविल सर्जन को फोन किया तो वो भी नहीं उठा। तीमारदारों ने अंतत: डीसी अशोक शर्मा को फोन किया। साथ ही विधायक असीम गोयल को भी पूरे मामले से अवगत करवाया। यहां तक कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को व्हाट्सअप के माध्यम से एंबुलेंस भेजने की गुहार लगाई। तब जाकर काफी देर बाद परिजनों को मरीज के लिए एंबुलेंस नसीब हुई।
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चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को नहीं चलाने आते सिलिंडर
कोविड वार्ड के भीतर जिन चतुर्थी श्रेणी के कर्मचारियों को लगाया गया है, उनमें से कई को ऑक्सीजन गैस सिलिंडर तक ऑपरेट करने नहीं आते। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक मरीज को गलती से खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लगा दिया गया। जिससे मरीज सुभाष चंद्र की सांसें फूल गई। गनीमत यह रही कि मरीजों ने सांसें उखड़ती देखकर डॉक्टर से संपर्क किया और उन्हें बताया कि सिलिंडर में ऑक्सीजन ही नहीं है। उन्हें तुरंत बेड पर लिटाकर ऑक्सीजन लगाई गई।
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मेरी एंबुलेंस संचालक अजीत सैनी से बातचीत हो गई है। उनके साथ ईएमटी यादविंद्र भी है। इतनी देर एंबुलेंस के लिए क्यों प्रतीक्षा करनी पड़ी इसके बारे में अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
असीम गोयल, विधायक
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जो पहली एंबुलेंस आई थी उसमें ऑक्सीजन गैस सिलिंडर नहीं थी। दूसरी एंबुलेंस आने में थोड़ा समय लग गया था। जहां तक कि काउंसलर व फिजिथेरेपिस्ट की बात है तो हमें फिजियोथेरेपिस्ट की व्यवस्था कर दी है। काउंसिलर के लिए भी बातचीत की जा रही है।
कुलदीप, सीएमओ अंबाला।
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अडल्ट ऑक्सीजन मास्क के लिए हमने दो हजार मास्क का ऑर्डर किया हुआ है। दो दिन बाद भी नहीं आया है और जल्द व्यवस्था करवाने का इंतजाम किया जा रहा है।
पवनीश अग्रवाल, डीएमएस
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