अंबाला सिटी। राजकीय स्कूलों में बीते दिनों हुई पहली से पांचवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूल में बच्चों से पहले 60 अंक की लिखित परीक्षा ली गई और 20 अंक की मूल्यांकन परीक्षा निपुण एप पर लेनी थी, मगर निपुण एप पर 20 अंक की मूल्यांकन परीक्षा के बजाय पूरे 80 अंक की परीक्षा खुली।
इससे शिक्षकों के साथ अध्यापक भी परेशान रहे। जहां विद्यार्थियों की संख्या कम थी, वहां शिक्षकों को कम और जहां विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा रही, वहां शिक्षकों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। शिक्षकों का यह भी कहना है कि विभाग की ओर से परीक्षा परिणाम कैसे बनाया जाना है, इसको लेकर भी कोई योजना जारी नहीं की गई। ऐसे में शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
लिखित परीक्षा ली ठीक
स्कूल शिक्षकों ने बताया कि बीते दिनों राजकीय स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षा ली गई। जिसमें हिंदी व अंग्रेजी भाषा की 60-60 अंक की परीक्षा लिखित की आई और 20 अंक मूल्यांकन परीक्षा के रखे गए थे। स्कूलों में 60 अंक की लिखित परीक्षा तो ठीक ली गई, मगर निपुण एप पर 20 अंक की मूल्यांकन परीक्षा की जगह कुल 80 अंक की परीक्षा खुल गई। जिससे शिक्षक व विद्यार्थी भी परेशान हुए। यही नहीं एप पर सिर्फ सही व गलत ही प्रश्न में पूछा गया बाकी विकल्प न होने से भी बच्चों को दिक्कत आई। कक्षा तीसरी की बात करें तो निपुण एप पर 66 प्रश्न आए। छोटे विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से पेपर लंबा रहा।
कोट्स
निपुण एप पर विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए पेपर गलत खुला, क्योंकि एप पर 20 अंक का ही पेपर खुलना चाहिए था। लंबा पेपर भी बच्चों की उम्र को देखते हुए गलत था। जिससे विद्यार्थियों व शिक्षकों को परेशानी झेलनी पड़ी। यह जानकारी विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में भी लाई जाएगी।
प्रकाश चंद्र, जिला महासचिव, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
वर्जन
अगर प्राथमिक स्कूलों में वार्षिक परीक्षा में कम या ज्यादा अंक का पेपर आने की समस्या आई तो इसको चेक करवाया जाएगा।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।