राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 73 साहा-शहजादपुर मार्ग पर बसे गांव मघ्घरपुर में मामूली कहासुनी के बाद मंगलवार को दलित समुदाय के एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। दबंगों ने पहले व्यक्ति के घर में घुसकर उसे चाकू से गोद डाला, इसके बाद जब उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था तो रास्ता रोककर परिजनों के साथ मारपीट की गई। इस बीच, घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। सिविल अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के दौरान उसको मृत घोषित कर दिया।
उधर, इस बात से खफा परिजनों ने तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की, लेकिन पुलिस ने जब जांच की बात कही तो भड़के परिजनों ने शव साहा-शहजादपुर स्टेट हाईवे पर रखा और उसे जाम कर दिया। छह घंटे तक स्टेट हाईवे जाम रहा। आखिरकार पुलिस ने उचित कार्रवाई करने और निष्पक्षता से काम करने का आश्वासन देकर देर शाम जाम खुलवाया। लेकिन जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर आठ घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
पहले मां, फिर बेटियों को दीं गालियां
थाना शहजादपुर में दर्ज कराए बयान में मृतक सुरेश कुमार की पत्नी नछतर कौर ने कहा कि 15 अगस्त की देर शाम उनके गांव का डिपो होल्डर ट्रक में कोटे का गेहूं लेकर आया था। उसके साथ गांव का ही एक अन्य युवक भी था। नछतर के अनुसार उनके घर की बिजली का तार गली में से गुजरता है। इसे हटाने के लिए युवक ने उनसे कहा। इस पर उसने छत पर चढ़कर तार को हटा दिया। इसी बीच उसी युवक के साथ अन्य युवक ने उसे गालियां देनी शुरू कर दीं और एक पत्थर उसे दे मारा।
महिला के अनुसार जब ट्रक आगे गुजर गया तो उसने फिर से तार पहले की तरह छोड़ दिया। उसके बाद उसने गाली गलौज कर रहे युवक को समझाया कि उनके कहने पर उसने बिजली के तार को ऊपर करके उनके ट्रक को निकलवा दिया है तो वे बिना वजह गालियां क्यों दे रहा है?
नछतर के मुताबिक उस वक्त तो बात खत्म हो गई। लेकिन पंद्रह अगस्त को ही लगभग रात साढ़े दस बजे फिर से वही दोनों युवक उनके घर आ गए। एक युवक की पत्नी भी उसके साथ थी। उस वक्त नछतर का पति सुरेश घर पर नहीं था। घर पर इसी विवाद पर बातचीत चल ही रही थी कि उसी युवक ने उसकी बेटियों को गालियां देनी शुरू कर दीं, जो पहले उसे गालियां दे रहा था। तभी शोरगुल सुनकर उनके पति सुरेश भी घर पर आ गए। नछतर के अनुसार उसके पति सुरेश ने गालियां देने वाले युवक को घर से बाहर निकल जाने को कहा। लेकिन तभी गालियां देते हुए युवक ने तुरंत चाकू निकाला और उसके पति पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इससे उसका पति बुरी तरह से लहूलुहान हो गया। उधर, शोर सुनकर गांव के कई लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। इसके चलते उनके घर आए दोनों युवक व एक युवक की पत्नी तीनों वहां से फरार हो गए। घायल सुरेश कुमार को शहजादपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भड़के परिजनों ने लगाया जाम
पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया था। लेकिन इस घटना से गुस्साए लोगों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 73 साहा-पंचकूला पर रखकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। लोगों का आरोप था कि एक तो दबंगों ने घर में घुसकर हमला किया वहीं, जब घायल को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था तो गांव के दर्जन भर अन्य लोगों ने वाहन को रोक कर परिजनों से मारपीट की और घायल को इलाज मिलने में देरी हुई। इसके चलते सुरेश कुमार की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने केवल एक आरोपी के खिलाफ ही मामला दर्ज किया है, जबकि हत्या के इस मामले में अन्य लोग भी शामिल रहे।
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मृतक सुरेश कुमार की पत्नी नछतर कौर के बयान पर एक आरोपी साहिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था, लेकिन मंगलवार की दोपहर को परिजनों व समुदाय के लोगों ने तीन लोगों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। इस पर परिजनों के अतिरिक्त बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है।
- रमेश कुमार, एसीपी ग्रामीण, नारायणगढ़
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दलित समुदाय के परिजनों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता और योग्यता के अनुसार परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी की सिफारिश का लिखित में देने के बाद लोगों ने जाम खोल दिया।
ईश्वर सिंह, नायब तहसीदार, शहजादपुर।