अंबाला सिटी। दीपावली पर अंबाला देश से सबसे प्रदूषित शहरों में एक था। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 367 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया था। इतने प्रदूषण ने अंबाला ही नहीं, बल्कि पूरे देश को अचंभे में डाल लिया। यहां तक कि उच्चाधिकारियों से लेकर देश के विभिन्न स्थानाें से अंबाला के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों के पास फोन आने लगे।
अंबाला कभी इतना प्रदूषित नहीं रहा। ऐसे में पीसीबी के अधिकारी भी हैरत में रह गए और मौके पर एक टीम को जांच करने के लिए भेजा गया। टीम ने जब जांच की तो पता चला कि सिटी पॉलिटेक्निक चौक के पास ही कचरे में आग लगी थी। इसे टीम के सदस्यों ने मौके पर बुझाया। इसके साथ ही पड़ताल पर पता लगा कि पास में ही चार से पांच कारों में आग लगी थी। इस कारण वायु प्रदूषण को मापने वाले संयंत्र ने उसके धुएं को पकड़ लिया। ऐसे में इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है। जबकि इसके बाद के दिनों में वायु प्रदूषण का औसत काफी कम हो गया।
वायु प्रदूषण में सुबह से लेकर दोपहर तक दिखती है गति
अंबाला में वायु प्रदूषण पर गौर करें तो शनिवार को औसत एक्यूआई 144 दर्ज किया गया। जबकि अगर प्रदूषण की दिनभर लाइव मॉनीटरिंग के आंकड़ों को देखें तो सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक पीएम 2.5 और पीएम 10 बढ़ता दिखाई दिया। पीएम 2.5 तो सुबह के समय 200 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर तक को पार कर गया। यह दोनों ही प्रकार के प्रदूषण सांस के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए ठीक नहीं हैं साथ ही स्वस्थ व्यक्ति को भी प्रभावित कर सकते हैं।
हवा ठंडी होने के कारण भी प्रदूषण नहीं उठ पाता
इनदिनों अक्सर वायु प्रदूषण चर्चा का विषय बन जाता है। लोग पराली को मुख्य कारण मानते हैं मगर विशेषज्ञ बताते हैं कि पराली ही नहीं बल्कि वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषण भी इसका एक प्रदूषण कारण है। सर्दी के दिनों में हवा ठंडी होती है तो हवा में प्रदूषण के कण ऊपर नहीं उठ पाते हैं जिसके कारण वायु प्रदूषण लोगों को सीधा महसूस होता है और नुकसान पहुंचाता है।
वर्जन
अंबाला का वायु प्रदूषण प्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में कम ही रहता है। दीपावली पर वायु प्रदूषण देश में सबसे अधिक था ऐसे में मौके पर निरीक्षण किया गया तो कारणों का पता लगाया गया। अब वायु प्रदूषण औसतन ठीक है इस पर विभाग निगरानी बनाए हुए है।
-सुखराम मोहर, एसडीएम, पीसीबी अंबाला