संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर के न्यू सरहिंद रेलवे स्टेशन पर बेपटरी हुई मालगाड़ी के मामले में कई लापरवाही बरतने के तथ्य सीआरएस के समक्ष आए हैं। इससे अंबाला मंडल के कुछ अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है।
घटना के बाद हूटर बज गए थे ताकि रेलवे अधिकारी सतर्क हो जाएं और मौके पर तुरंत दुर्घटना रिलीफ व मेडिकल वैन को भेजा जा सके। इसके लिए 30 मिनट का समय निर्धारित होता है, लेकिन मेडिकल रिलीफ वैन लगभग 1 घंटे की देरी से मौके पर पहुंची थी और इससे पहले लुधियाना से आई मेडिकल वैन मौके पर पहुंच चुकी थी। इस हादसे में यात्री ट्रेन भी मालगाड़ी के इंजन की चपेट में आ गई थी और कयास लगाए जा रहे थे कि इस दुर्घटना में यात्री भी घायल हो सकते हैं, हालांकि ऐसा नहीं हुआ।
मेडिकल वैन के दूरी से पहुंचने के मामले को लेकर भी सीआरएस ने अंबाला रेल प्रबंधक से जानकारी मांगी है। दूसरी तरफ इस मामले में अब लोको इंचार्ज पर भी इसकी गाज गिरी है। पहले रेलवे ने मालगाड़ी के लोको व सह लोको पायलट को निलंबित किया था। इस आधार पर लोको इंचार्ज को भी निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल दो जून रविवार को तड़के लगभग 3.16 बजे डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर के न्यू सरहिंद रेलवे स्टेशन पर हादसा हो गया था। जब पहले ही स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी को पीछे से आई दूसरी मालगाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण मालगाड़ी का इंजन अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन की मुख्य अप लाइन पर पलट गया और इस दौरान कोलकाता-जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन नंबर 04681 लाइन से गुजर रही थी।
इस ट्रेन के अंतिम दो कोच इंजन की चपेट में आ गए। गनीमत रही कि समय रहते यात्री ट्रेन के लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। वहीं राहत की बात यह भी रही कि इतनी बड़ी दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई।
हादसे में किसी यात्री को कोई चोट नहीं लगी थी लेकिन मालगाड़ी के डिब्बे उथल-पुथल हो गए थे। पहले एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को भेजा गया ताकि मशीनों की मदद से ट्रैक को क्लियर कराया जा सके। इसके बाद मेडिकल वैन को भी मौके पर भेज दिया गया। मेडिकल वैन को मौके पर ही रखा गया। जब तक कि पूरा ट्रैक क्लियर नहीं कर लिया गया। - मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला मंडल