अंबाला। बैंक स्कवेयर के टेंडर में गड़बड़ी के मामले में आरोपी बनाए गए अधिकारियों ने एसीबी की जांच पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जांच से जुड़े तथ्यों की एक बार फिर जांच करवाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है।
ताकि दोबारा जांच से पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाए कि इस मामले में गलती किसकी है। पत्र में जिक्र है कि एसीबी की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई है जबकि बैंक स्कवेयर का निर्माण कार्य शुरु से ही पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन करवा रही है। इसके अलावा निविदा से लेकर जो भी कार्य किए गए, वो मुख्यालय स्तर पर ही अनुमति लेकर किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार एसीबी ने अंबाला छावनी के कैपिटल चौक के पास निर्माणाधीन बैंक स्कवेयर में खेल के मामले में तत्कालीन एसडीएम सुभाष सिहाग, एसई रमेश मदान, कार्यकारी अधिकारी विनोद नेहरा, कार्यकारी अभियंता पंकज सैनी, एमई हरीश कुमार व मुनेश्वर भारद्वाज, जेई हरीश शर्मा और कपिल कंबोज के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस मामले में एसीबी ने जांच के दौरान बैंक स्कवेयर के निर्माण में 19.67 करोड़ रुपये ज्यादा के निर्माण का खुलासा किया है। एसीबी के निरीक्षक पवन कुमार ने बताया कि एएस इंटरप्राइजेज को 106.79 करोड़ की बोली व नानू राम गोयल एंड कंपनी की बोली राशि को 114.80 करोड़ रुपये थी। जबकि गोरा लाल बिल्डिंग इंजीनियर की बोली राशि महज 87.12 करोड़ रुपये थी जोकि अन्य ठेकेदारों से कम थी।