- क्लीनिकल ड्यूटी का रिकॉर्ड न देने पर एनपीए भुगतान पर रोक लगाने की चेतावनी
वैभव शर्मा
अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग के कार्यों का ऑडिट करने वाली टीम ने गैर अभ्यास भत्ता (एनपीए) पर अड़ंगा लगा दिया है। ऑडिट टीम ने मई 2018 से दिसंबर 2025 की अवधि के दौरान डॉक्टरों को दिए गए 1.69 करोड़ रुपये के एनपीए के भुगतान पर आपत्ति दर्ज की।
ऑडिट में पाया गया कि प्रशासनिक पदों पर तैनात कई डॉक्टरों ने बिना उचित क्लीनिकल ड्यूटी रिकॉर्ड और बिना सहमति पत्र दिए इस भत्ते का लाभ उठाया है। ऑडिट टीम के आपत्ति उठाने के बाद सीएमओ डॉ. राकेश सहल ने मुख्यालय के अधिकारियों से मार्गदर्शन मांग लिया है। उनका कहना है कि सभी चिकित्सकों ने नियमानुसार काम किया है, फिर भी विभाग जो सलाह देगा उस हिसाब से आगे बढ़ा जाएगा।
ये है मामला
स्वास्थ्य विभाग क्लीनिकल ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों को गैर अभ्यास भत्ता वेतन के साथ देती है। वहीं अगर कोई चिकित्सक प्रशासनिक कार्य करता है तो उसे इस भत्ते का नियमानुसार लाभ नहीं मिलना चाहिए। ऑडिट टीम ने देखा कि अंबाला के जिला सिविल सर्जन कार्यालय व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में कई चिकित्सक प्रशासनिक काम करते हुए इस भत्ते का लाभ दे रहे हैं। बीते सात वर्षों से यह क्रम चल रहा था। इस बार ऑडिट टीम ने इसे पकड़ लिया। उन्होंने एनपीए (एनपीए) के अनियमित आहरण पर सवाल उठाए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉक्टरों के पास न तो क्लीनिकल ड्यूटी का सत्यापित हाजिरी रिकॉर्ड है। न ही उन्होंने सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया सहमति पत्र जमा किया है।
महानिदेशक से मांगा मार्गदर्शन
ऑडिट आपत्ति के बाद सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखा है। पत्र में उनसे इस मामले में मार्गदर्शन मांगा है। विभाग अब इस उलझन में है कि इतनी बड़ी राशि (1.69 करोड़) की रिकवरी की जाए या कोई अन्य रास्ता निकाला जाए। इस ऑडिट आपत्ति के बाद अब हर डॉक्टर को हर महीने क्लीनिकल ड्यूटी का सत्यापित हाजिरी रिकॉर्ड जमा करना होगा। डॉक्टरों को लिखित में देना होगा कि वे निर्धारित क्लीनिकल ड्यूटी कर रहे हैं। अगर अंडरटेकिंग और हाजिरी रिकॉर्ड जमा नहीं किया गया, तो मासिक वेतन में एनपीए (एनपीए) शामिल नहीं किया जाएगा। यह आदेश अंबाला शहर व छावनी के नागरिक अस्पतालों, नारायणगढ़ अस्पताल, सेक्टर-10 पॉलीक्लीनिक और शहजादपुर, मुलाना, चौड़मस्तपुर व बराड़ा के सीएचसी प्रभारियों को भेज दिए गए हैं।