अंबाला। सीबीएसई 12 वीं कक्षा की भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) की परीक्षा शुक्रवार को संपन्न हुई। परीक्षा केंद्र से बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर मिला-जुला असर देखने को मिला। जहां कुछ छात्रों ने पेपर को संतुलित बताया, वहीं अधिकांश का मानना था कि खंड ख और और ग के न्यूमेरिकल ने काफी समय लिया, इससे पेपर लंबा और थकाऊ महसूस हुआ।
नए पैटर्न का असर
इस साल पेपर के पैटर्न में वैचारिक स्पष्टता पर अधिक जोर दिया गया है। पेपर कुल 5 खंडों क से ड में विभाजित था। इस बार के पेपर में कुल 33 प्रश्न पूछे गए थे, जोकि पांच खंडों में विभाजित थे। खंड क में 16 बहुविकल्पीय प्रश्न थे। इन प्रश्नों के सवालों ने छात्रों को सबसे ज्यादा सोचने पर मजबूर किया। खंड ख व ग में 17 से 28 तक लघु-उत्तरीय प्रकार के प्रश्न थे। इसी प्रकार खंड घ में 29 व 30 केस-अध्ययन पर आधारित प्रश्न और खंड ड में 31 से 33 तक दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न थे।
3401 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
जिले में 21 केंद्रों पर भौतिक विज्ञान की परीक्षा का आयोजन किया गया। 3401 विद्यार्थियों ने विज्ञान की परीक्षा दी और 17 छात्र गैरहाजिर रहे। इसी प्रकार 10 वीं की डेटा साइंस व शारीरिक गतिविधि परीक्षा में 288 में से 287 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इस परीक्षा के लिए जिले में आठ केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को लेकर स्कूलों के बाहर पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को एंट्री सुबह 9.30 बजे दी गई थी और उन्हें 1:30 बजे गेट से बाहर निकाला गया।
विशेषज्ञों की राय
औसत से थोड़ा कठिन था पेपर
भौतिक विज्ञान के शिक्षक ऋषि जैन ने बताया, पेपर को आसान नहीं कह सकते। यह नई श्रेणी की परीक्षा थी। इसमें सभी प्रश्न छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण रहे।
रटना नहीं अब व्यावहारिक ज्ञान जरूरी
प्रियांकुश शर्मा ने बताया कि खंड ख के प्रश्न सीधे नहीं थे। सीबीएसई ने अब फॉर्मूला बदल दिया है। यह फॉर्मूला अब रटने वाले छात्रों के लिए सहायक नहीं है, इसके लिए व्यावहारिक ज्ञान जरूरी है जोकि छात्रों की समझ से जुड़ा है।
छात्र अभिनव ने बताया कि उन्हें थ्योरी तो आती थी, लेकिन न्यूमेरिकल की कैलकुलेशन इतनी लंबी थी कि आखिरी प्रश्न के लिए उन्हें तेजी से लिखना पड़ा।
छात्र पीयूष ने कहा कि खंड घ की केस स्टडी आसान थी, लेकिन प्रश्न पत्र में कुछ सवाल थोड़े उलझाने वाले थे। पेपर पूरा करने में पूरे 3 घंटे लग गए, रिवीजन का समय ही नहीं मिला।
छात्र आदित्य ने बताया कि नए पैटर्न में ऑप्टिक्स और मॉडर्न फिजिक्स से काफी प्रश्न पूछे गए। खंड ग के प्रश्न कठिन और समय लेने वाले थे।
छात्र नवकीरत ने बताया कि पेपर को पढ़ने और समझने में ही शुरुआती 15-20 मिनट निकल गए। केस स्टडी वाले प्रश्नों को दो से तीन बार पढ़ना पड़ा, जोकि काफी मुश्किल था।
अभिनव।- फोटो : rs pura news
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