अंबाला सिटी। जल्द ही हरियाणा के सरकारी स्कूलों में गुजरात की तर्ज पर एक नई शानदार योजना शुरू की जाएगी। जिसके तहत न केवल सरकारी स्कूलों का माहौल पारिवारिक बनेगा, बल्कि ग्रामीणों की भागेदारी भी सरकारी स्कूलों में बढ़ेगी। गुजरात में इस योजना के सफल होने के बाद केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने भी सभी राज्यों को सर्कुलर भेजकर इस योजना को अडाप्ट करने के आग्रह किया था। अब हरियाणा इसी आग्रह पर इस योजना को हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लांच करेगा। इन योजनाओं को ‘तिथि योजना’ और ‘बेटी का जन्मदिन-स्कूल में अभिनंदन’ का नाम दिया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
हर तीसरे मंगलवार को होगा ‘तिथि भोजन’
इन योजनाओं को सेलीब्रेट करने के लिए हर महीने का तीसरा मंगलवार तय किया जाएगा। इस दिन को ‘तिथि भोजन’ के रूप मनाया जाएगा। यानी स्कूल में संबंधित महीने में स्कूलों की बेटियों का जन्मदिन, परीक्षा परिणाम का शानदार रहना या कोई त्योहार हर महीने के तीसरे मंगलवार को सामूहिक रूप से मनाया जाएगा। इसे ‘तिथि भोजन’ का नाम दिया जाएगा। जबकि उसी महीने में आने वाली सभी बेटियों का जन्मदिन भी उसी महीने के तीसरे मंगलवार को ही ‘बेटी का जन्मदिन-स्कूल में अभिनंदन’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन बेटियों का स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। उधर, जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह अत्रेय का कहना है कि ये बेहतर योजना है, जिससे छात्रों को बहुत प्रोत्साहन मिलेगा। उनके अनुसार ऊपर से जैसे ही योजना का शेड्यूल आएगा, तो वे उसे क्रियान्वित करवाएंगे।
ग्रामीण करवाएंगें छात्रों को ‘तिथि भोजन’
‘तिथि भोजन’ का सारा कार्यक्रम और प्रबंध संबंधित गांव की ग्राम पंचायत व वार्डों के पार्षद करेंगे। इस दिन सभी ग्राम पंचायत और छात्रों के अभिभावकों को भी स्कूलों में निमंत्रित किया जाएगा। ग्रामीण ही छात्रों के लिए स्वादिष्ट पकवान बनाएगें और उसका राशन भी खुद ही खरीदकर लाएंगें। ये व्यवस्था मिड-डे मील से अलग केवल महीने के तीसरे मंगलवार के लिए ही होगी। उसके बाद सभी छात्र व उनके अभिभावक स्कूल में ही सामूहिक भोज करेंगे। ये सारा कार्यक्रम और पकवान को तैयार करवाने व वितरित करवाने का काम स्कूल की स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की निगरानी में होगा। जबकि संबंधित मिड-डे मील स्कूल की इंचार्ज ग्रामीणों द्वारा तिथि भोजन के लिए लाए जाने वाले राशन का पूरा रिकार्ड रखेगी। यदि राशन बचता है, तो उसका इस्तेमाल रूटीन के मिड-डे मील में किया जाएगा।