अंबाला। ट्रेनों के साथ आरपीएफ ने अब पार्सल कार्यालयों की भी निगरानी बढ़ा दी है। बुकिंग के लिए आने वाले पार्सलों की गहनता से जांच की जा रही है।हालांकि जांच में अभी कुछ भी संदिग्ध वस्तु या नगदी नहीं पाई गई है। बावजूद इसके आरपीएफ ने पार्सल कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि अगर कोई भी संदिग्ध या शरारती तत्व पार्सल बुक करवाने आता है तो इसकी सूचना तुरंत आरपीएफ को दें। वहीं, आरपीएफ ने अपने स्तर पर भी पार्सल कार्यालय का औचक निरीक्षण भी शुरु कर दिया है।
दरअसल दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आई ट्रेन से जब कुछ पार्सल उतारे गए तो इसके अंदर से लाखों रुपये की नकदी बरामद हुई थी। ऐसा ही मामला सहारनपुर रेलवे स्टेशन से भी सामने आया था, इसमें भी 90 लाख के करीब नकदी आरपीएफ ने पकड़ी थी। इन दोनों घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए अंबाला स्टेशन पर अलर्ट जारी किया गया है।
लगेज स्कैनर की जरूरत
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में लिए लगेज स्कैनर की बहुत ज्यादा जरूरत है, लेकिन अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर लगा एक मात्र लगेज स्कैनर पिछले आठ माह से खराब पड़ा हुआ है, वहीं रेलवे की ओर से पार्सल कार्यालय में लगाए जाने वाले लगेज स्कैनर की योजना भी ठंडे बस्ते में है, इसलिए पार्सल कार्यालय में आने वाले सामान को व्यापारी द्वारा दिए गए बिल और दस्तावेज आदि पर ही बुक किया जाता है।
आरपीएफ ने पकड़ा नौ करोड़ का सोना
आरपीएफ द्वारा ट्रेनों में की गई छापामारी के दौरान लगभग नौ करोड़ का सोना पकड़ा गया है जोकि अभी आरपीएफ के कब्जे में है। इस सोने को इनकम टैक्स विभाग की हिदायत पर ही छोड़ जाएगा। वहीं, पहले दो मामलों में पकड़े गए तीन आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है और बुधवार को पकड़े गए चार आरोपी जमानत के लिए भागदौड़ कर रहे हैं जबकि इनकम टैक्स इन तीनों मामलों की तह तक पहुंचने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है।
ट्रेन से दिल्ली स्टेशन पर उतरे पार्सलों से लाखों रुपये की नगदी मिली थी। इसलिए अब पार्सल कार्यालय की भी निगरानी बढ़ाई गई है ताकि अगर यहां से भी ऐसे ही पैसे सहित अन्य संदिग्ध सामान की बुकिंग हो रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। पकड़े सोने के संबंध में अभी इनकम टैक्स विभाग की तरफ से कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
जावेद खान, प्रभारी आरपीएफ।