रात को ड्यूटी के दौरान गश्त कर रहे सेना के हथियारबंद जवानों को अब अपना टारगेट ढूंढने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। क्योंकि राइफल से लैस सेना के जवान अब अंधेरे में सौ मीटर दूरी तक अपने टारगेट को एक खास डिवाइस से न केवल आसानी से देख पाएंगे, बल्कि रात में ही उसे टारगेट को सैट कर उस पर फायरिंग भी कर सकेंगे।
ये खास डिवाइस है इजराइल में तैयार की गई रिफलेक्स साइट। ये एक तरह की लेजर बीम है, जिसे इनसास राइफल के ऊपर टारगेट सैट करने के लिए फिट किया जाएगा। सेना की इस खास तकनीक को अंबाला सिटी पुलिस लाइन मैदान में आर्मी मेले के दौरान प्रदर्शित किया गया। ये तकनीक हाल ही में सेना ने जवानों के लिए अडॉप्ट की है। इस तकनीक से आर्मी के जवानों को अपनी ड्यूटी के दौरान बहुत ज्यादा सहुलियत मिलेगी।
इस तरह से काम करेगी डिवाइस
ये डिवाइस छोटे से उपकरण के रूप में हैं। जिसकी ऊंचाई 39 एमएम, हाइट 64 एमएम, भार 112 ग्राम और क्षमता 100 मीटर तक है। रात को गश्त के दौरान ये डिवाइस सेना के जवान अपने टारगेट पोजिशन पर सैट करेंगे। ज्यादा भार न होने की वजह से सैनिकों को भी अपनी राइफल इस्तेमाल के दौरान बिल्कुल असहज महसूस नहीं होगा।
गश्त के दौरान किसी भी गड़बड़ी, झाड़िय़ों इत्यादि में दुश्मन या घुसपैठिए के छिपे रहने की आशंका के दौरान इस डिवाइस से वॉच किया जाएगा। 100 मीटर तक न केवल ये डिवाइस रात में भी सारी पिक्चर रिफलेक्स करेगी, बल्कि टारगेट दिखने पर इसकी लेजर बीम से ही टारगेट सैट भी कर दिया जाएगा और फिर फायरिंग कर दी जाएगी। लेजर बीम के जरिए टारगेट सैट करते ही टारगेट जमींदोज हो जाएगा। इसकी खास बात यह रहेगी कि ये डिवाइस बैटरी के अतिरिक्त सोलर सिस्टम से भी काम करेगी और सोलर चार्ज होने तक ये तीन घंटे तक लगातार बिना बैटरी के काम करेगा। जबकि दूसरी खास बात यह कि बारिश के दौरान भी इस डिवाइस को कोई खतरा नहीं है, क्योंकि ये पूरी तरह वॉटर प्रूफ है।
नाइट विजिन गोगल से भी मिलेगी मदद
लेजर बीम रिफलेक्स साइट के अतिरिक्त पैसिव नाइट विजिन गोगल से भी जवानों को बहुत फायदा मिलेगा। ये सेटअप रात्रि गश्त के दौरान सेना के हैट पर सेट होगा। ये उपकरण इमेज अथवा टारगेट को गहनता से देखने के लिए है। इसकी रेंज 450 मीटर है। यानी टारगेट को गहना से देखने के लिए इस खास तरह के उपकरण का इस्तेमाल किया जा सकता है, उसके बाद फायरिंग होगी। इसी तरह एक खास उपकरण लाइट मशीनगन के लिए भी तैयार किया गया है। ये भी अंधेरे या दिन में काफी दूर का टारगेट सेट करने के लिए है। इसकी रेंज 500 से 800 मीटर तक होगी। ये भी इमेज अथवा टारगेट को गहनता से देखने के बाद सेट करेगा। इसे उपकरण को लाइट मशीनगन पर सेट किया जाएगा।