फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब फीस दोगे, तभी उठेगी घरों, दुकानों की गंदगी

Wed, 23 Mar 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, अंबाला
विज्ञापन
अब फीस दोगे, तभी उठेगी घरों, दुकानों की गंदगी - फोटो : Amar ujala
विज्ञापन
होली पर्व पर म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) ने ट्विनसिटी के लोगों व कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। जिसके चलते अब घरों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की गंदगी एमसीए तभी उठाएगा, जब इसकी एवज में लोग व कारोबारी हर माह फीस अदा करेंगे। फीस देने पर एमसीए  उनके डोर टू डोर जाकर खुद ही कचरा एकत्रित करेगा और उसका निस्तारण भी खुद ही करवाएगा।
विज्ञापन

हालांकि इसके लिए एमसीए की डोर टू डोर कचरा कलैक्शन योजना के अंतर्गत प्रावधान किया गया था। लेकिन मंगलवार को कैंट में आयोजित म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के ज्वाइंट कमिश्नर ने इसे लागू कर दिया है। ज्वाइंट कमिश्नर गिरीश कुमार चावला ने इस बारे में मंगलवार को सफाई दरोगाओं व सेनेटरी इंस्पेक्टर की बैठक में इस मसले पर एमसीए का रूख स्पष्ट कर दिया है। दरोगाओं को इस कचरा कलैक्शन की एवज में वसूले जाने वाली फीस की पूरी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हे रसीद बुकें भी वितरित कर दी गई हैं और उन्हे आदेश दे दिए गए हैं आगामी दिनों में इस फीस की वसूली शुरू कर दी जाए।
ज्वाइंट कमिश्नर ने बैठक में ये भी स्पष्ट कर दिया है कि लोगों के घरों से तो गंदगी उठाने की फीस डोर टू डोर कलैक्शन करने वाले ठेकेदार की कारिंदे करेंगे, जबकि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से फीस एमसीए के सफाई दरोगा करेंगे। सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त को भी निर्देश दे दिए हैं कि ट्विनसिटी में सफाई व्यवस्था को सुचारू रखते हुए वे फीस कलैक्शन पर भी पूरा ध्यान दें, ताकि एमसीए को राजस्व लाभ हो सकें।
विज्ञापन


तय हुई गंदगी उठाने की ये दरें  


क्षेत्र                                गंदगी उठाने की फीस
                            (प्रति माह रुपये में)    

-रिहायशी दरें-

- मलिन बस्तियों के घर                            निशुल्क
- 100 गज से छोटे रिहायशी भवन                 20
- 100 से 200 वर्ग गज के घर                     40
- 200 से 400 गज तक के घर                    80
- 400 गज से ज्यादा घर व हास्टल                100
- छोटे फ्लैट                                                50
- बड़े फ्लैट                                                100

-व्यवसायिक दरें-

- 200 वर्ग गज में बने आफिस, दुकानें
व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान                        40
- ढाबे, रेस्तरां मच्छी मार्केट, सब्जी मंडी,
अनाज मंडियों की दुकानें                            150

- 50 बैड तक वाले हास्पिटल, क्लीनिक,
औषधालय                                            2500
- 100 बैड तक वाले हास्पिटल, क्लीनिक,
औषधालय                                            4500
- 100 बैड  से ज्यादा वाले हास्पिटल, क्लीनिक,
औषधालय                                         7500
-मॉल्स, सिनेमा घर                                50 पैसे प्रति वर्ग गज
-10 कमरों से कम वाले गेस्ट हाउस, होटल, मोटल        750
-10 कमरों से ज्यादा वाले गेस्ट हाउस, होटल, मोटल    1500
-मैरिज हाल, बेक्वेंट हाल, कार्मिशिपल पार्टी लॉन            6000
- 500 सदस्यों तक क्लब विद रेस्तरां                        750
- 500 से ज्यादा सदस्यों तक क्लब विद रेस्तरां        1500
- पेट्रोल पंप व गैस एजेंसियां                                    1500
- केंद्रीय व राज्य सरकार के दफ्तरों
कांपलेक्स, वेलफेयर सोसयटी दफ्तरो                            225
- दो एकड़ तक के बने शैक्षणिक संस्थान                    750
- दो से पांच एकड़ तक बने शैक्षणिक संस्थान             1500
- पांच एकड़ से ज्यादा में बने शैक्षणिक संस्थान          3000
- स्पोर्ट क्लब, धर्मशालाएं व मंदिर            निशुल्क
- नए/मरम्मत भवनों का मलबा उठाने की फीस            450
---


सोमवार को सभी दरोगाओं को रसीद बुकें और फीस टैरिफ दे दिए गए हैं। रिहायशी क्षेत्र से गंदगी उठाने की फीस ठेकेदार के कारिंदे करेंगे, बाकी व्यवसायिक क्षेत्र की गंदगी उठाने की फीस एमसीए के सफाई दरोगे करेंगे। हमारा मकसद ट्विनसिटी को गंदगी मुक्त बनाना है, उम्मीद है लोग व कारोबारी अपने शहर को गंदगी मुक्त बनाने में एमसीए का सहयोग करेंगे और हर माह गंदगी उठाने की फीस अदा करेंगे। सफाई दरोगाओं को इसकी पूरी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
-गिरीश कुमार चावला, ज्वाइंट कमिश्नर, अंबाला-
---


ट्विनसिटी साफ सुधरी बने, सफाई कर्मी भी यही चाहते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सफाई दरोगे ठेकेदारों व एमसीए के सफाई कर्मियों के काम पर निगरानी रखें, लेकिन यदि सफाई दरोगे ये काम छोड़कर गंदगी उठाने की फीस इकट्ठा करने में उलझ जाएंगें, तो सफाई का काम प्रभावित होगा। लिहाजा इसका दूसरा विकल्प ढूंढना होगा।
-मनोज कुमार, स्टेट प्रधान व प्रवीण गोगलिया, जिला प्रधान सफाई मजदूर संघ, नगर निगम-
---

शहर को साफ रखना है, तो लोगों को फीस देनी चाहिए, ये बात ठीक है। लेकिन सफाई दरोगे इस काम पर लगाए जाएं, ये ठीक नहीं है। सफाई दरोगे फीस एकत्रित करेंगे, तो सफाई कर्मियों से काम कौन लेगा। एमसीए साल में लिए जाने वाले हाउस टैक्स, छह माह में लिए जाने वाले वाटर टैक्स या हर माह लिए जाने वाले बिजली बिलों में ही गंदगी उठाने की फीस जोड़कर शहरी लोगों को भेजें, ताकि लोग खुद ही बिल एवं टैक्स के साथ ये फीस भी जमा करवा दें। इससे मैन पॉवर भी नहीं लगेगी और गंदगी उठाने की फीस भी आ जाएगी।
विज्ञापन

-रमेश लाल मल, मेयर, एमसीए-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें