अंबाला। कपाल मोचन मेले में जाने के लिए बुधवार को पंजाब के आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद बढ़ गई। जिसके कारण अंबाला डिपो के अधिकारियों को कपाल मोचन मेले के लिए अपनी 56 अतिरिक्त बसों को लगाना पड़ा।
यह बसें अंबाला छावनी बस अड्डे से श्रद्धालुओं को लेकर मेले में गई। पहले दिन रोडवेज ने 15 बसे और दूसरे दिन 25 बसें अतिरिक्त लगाई। हजारों श्रद्धालु पंजाब से ही अपने अपने वाहन कर कपाल मोचन के मेले में जाते नजर आए।
30 बाद जा रहे मेले में
पटियाला निवासी राजिंद्र सिंह ने बताया कि वह गुरुद्वारा हजूर साहिब के पास दुकान करते हैं। वह 30 साल बाद कपाल मोचन के मेले में जा रहे हैं। इससे पहले वह हर साल मेले में जाते थे।
बच्चों की शादी की मन्नत हुई पूरी
मलेरकोलटा निवासी हरपाल सिंह ने बताया कि उन्हाेंने बच्चों की शादी की मन्नत पूरी हो गई तो वह सात साल से कपाल मोचन के मेले में जा रहे हैं।
चार साल से सउदी अरब में कर रहे थे काम
बलजिंद्र सिंह ने बताया कि वह मलेरकोटला का निवासी है और चार साल से सउदी अरब में रह रहे थे। वहां पर काम कर रहे थे। इस बाद वह घर आए हुए थे। इसलिए वह मेले में जा रहे हैं।
साथियों को साथ लेकर जा रहे
पटियाला निवासी दर्शन सिंह ने बताया कि वह दस साल से कपाल मोचन के मेले में जा रहे है। इस बाद वह अपने साथ गांव के पाल सिंह, गुरचरण सिंह और हरजीत सिंह को पहली बार मेले में अपने साथ लेकर जा रहे हैं।
राजिंद्र सिंह
राजिंद्र सिंह
राजिंद्र सिंह
राजिंद्र सिंह