अंबाला। ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में सामान्य अपराधों की तुलना में अत्यधिक गति देखी जा रही है। अंबाला में चोरी के अपराधों से अधिक साइबर फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों को करने वाले लोगों का गिरोह दिनों राजस्थान में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है।
राजस्थान के बाड़मेर और जोधपुर इसके सेंटर बनते दिखाई दे रहे हैं। यहां पर डिजिटल अरेस्ट और ट्रेडिंग के नाम पर भी लोगों को ठगा जा रहा है। हालांकि राजस्थान ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश और झारखंड से भी साइबर फ्राॅड हो रहा है। ऐसे मामलों पर रोकथाम के लिए पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरु कर दी है।
साइबर थाना पुलिस को जो संसाधन कम हैं उन्हें बढ़ाया जा रहा है। जिसमें हाल ही में करीब 15 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का स्टॉफ साइबर थाना पुलिस को दिया गया है। इसके साथ ही दो टीमों का गठन भी किया है जो साइबर अपराधियों के राज्यों में जाकर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही टीमों को गाड़ियां भी उपलब्ध कराईं गई हैं।
जबलपुर और जोधपुर से भी आरोपियों को पकड़ा
टीमों का गठन और दबिश के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसमें हाल ही में मध्यप्रदेश के जबलपुर और डिजिटल अरेस्ट करने वाले दो आरोपियों को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया है। उनका रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही है।
अभी तक 87 साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज
साइबर थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर सुरेंद्र ने बताया कि इस साल अभी तक 87 साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जिसमें डिजिटल अरेस्ट, ट्रेडिंग से ठगी जैसे मामले भी शामिल हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों को तेजी से दर्ज किया जा रहा है ताकि जल्द जल्द आरोपियों को पकड़ा जा सके। इसके साथ ही रिकवरी की कार्यवाही भी की जा रही है।
वर्जन
साइबर के मामले चोरी के मामलों से अधिक आ रहे हैं। इसलिए तेजी से ऐसे मामलों में एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। साइबर थाने का स्टॉफ बढ़ाया गया है। उन्हें विभिन्न राज्यों में दबिश देने के लिए गाड़ी भी मुहैया कराई है।
-सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी, अंबाला