संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। तेजां गांव में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इस गांव में सोलर लाइटें खराब पड़ी हैं। सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। करीब 4000 की आबादी वाले इस गांव की सफाई व्यवस्था एक सफाई कर्मी पर निर्भर है। गांव की कई गलियां खस्ता हालत में हैं। यहां बच्चों के खेलने के लिए मैदान तक नहीं बनाया गया। अस्पताल तो दूर की बात।
लोगों का कहना है जिला प्रशासन की ओर से गांव की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि गांव की आबादी के अनुसार यहां कम से कम तीन सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। गांव के कुछ क्षेत्रों में मेन नाला बनाने की जरूरत है। गांव में सोलर लाइटों के रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते ये खराब हो चुकी हैं। शाम होते ही गांव की गलियों में अंधेरा पसर जाता है। गांव में किसी प्रकार की कोई डिस्पेंशरी नहीं है। गांव के कई लोग पशुपालन करते हैं। मगर पशु बीमार होने की स्थिति में करीब पांच किलोमीटर की दूरी तय करने पश्चात गांव भानोखेड़ी जाना पड़ता है।
गांव तक कोई भी बस की सुविधा नहीं है। गांव से प्रतिदिन स्कूली बच्चों और गांववासियों को शहर में अपने निजी कार्यों से जाना पड़ता है। बस की सुविधा न होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पंचायतें भंग होने के कारण गांव के बहुत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
लगे रहते हैं गंदगी के ढेर
गांव के ज्यादातर क्षेत्र में सफाई न होने के कारण गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। गलियों में कूड़ा करकट बिखरा रहता है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कम से कम तीन सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। - जोगिन्द्र सिंह, निवासी गांव तेजां, अंबाला।
खेलने के लिए मैदान बनाना जरूरी
गांव के सरकारी स्कूल के समीप आधा एकड़ पंचायती जमीन पड़ी हुई है। यदि उस जमीन में बच्चों के लिए खेलने के लिए ग्राउंड तैयार किया जाए तो बच्चों को काफी लाभ मिलेगा। जिसमें गांव के अन्य लोग भी खेल सकेंगे। - नरमैल सिंह, निवासी गांव तेजां, अंबाला।
गलियों पसर जाता है अंधेरा
बीते करीब तीन वर्ष पहले गांव की गलियों में सोलर लाइट सिस्टम लगाया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में वह लाइटें खराब स्थिति में चल रही हैं। शाम होते ही गांव की गलियों में अंधेरा पसर जाता है। - कर्मचंद, पूर्व पंच, निवासी गांव तेजां, अंबाला।
पशु चिकित्सा की कोई व्यवस्था नहीं
जिला प्रशासन की ओर से गांव में कोई डिस्पेंसरी नहीं बनाई गई। पशुओं के बीमार होने की स्थिति में उनके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। गांव के लोगों को पशु बीमार होने या किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधित समस्या होने पर करीब पांच किलोमीटर दूर गांव भानोखेड़ी जाना पड़ता है। - नरेश कुमार, निवासी गांव तेजां, अंबाला।
मेन नाला बनाने की जरूरत
गांव के कुछ एरिया में मेन नाला बनाने की बहुत सख्त जरूरत है। लंबे समय से पंचायत भंग होने के कारण में नाला बनाने की प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई। जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समिन्द्र सिंह, निवासी गांव तेजां, अंबाला।
गांव तेजां के लोगों की ओर से समस्याओं से संबंधित शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। यदि कोई लिखित शिकायत प्राप्त होगी तो इस पर संज्ञान जरूर लिया जाएगा। - सचिन गुप्ता, एडीसी, अंबाला।
गांव तेजां में गंदगी से भरी नाली। संवाद- फोटो : Ambala