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रागी जत्थों ने कीर्तन से संगत को किया निहाल

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अंबाला शहर में निकाले गए नगर कीर्तन की अगुवाई करते पंज प्यारे व मौजूद श्रद्धालु। संवाद - फोटो : Ambala
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाशोत्सव पर रविवार गुरुद्वारा सत संगत साहिब अंबाला शहर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया व पांच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला गया। कई स्थानों पर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया। रागी जत्थों ने कीर्तन से संगत को निहाल किया।
नगर कीर्तन जगाधरी गेट, पटेल रोड, दाल बाजार, पुरानी अनाज मंडी, मीरी पीरी चौक से होता हुआ गुरुद्वारा मंजी साहिब ( बाऊली साहिब ) पहुंचा। यहां नगर कीर्तन का समापन हुआ। संगत ने पालकी साहिब में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को कंधों पर बड़ी श्रद्धा से उठाकर नगर कीर्तन की शोभा को बढ़ाया गया। हरपाल सिंह मच्छोंडा सदस्य एसजीपीसी ने आज का इतिहास बताते हुए कहा कि पंचम पातशाह शहीदों के सिरताज श्री गुरु अर्जुन देव द्वारा सचखंड अमृतसर में 1604 ई. में प्रथम प्रकाश किया गया।
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बाबा बुड्ढा को गुरु घर का पहला ग्रंथी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सम्पादना गुरु अर्जन देव ने की व भाई गुरदास सिंह से लिखित कराई, जिसमें पांच पहले गुरुओं की गुरबाणी, 15 भक्त, 11 भट्ट, 4 सिखों की बाणी दर्ज की। पांच प्यारों को सिरोपा डालकर सम्मानित किया गया।
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रणबीर सिंह फौजी सीनियर अकाली नेता ने बताया कि प्रकाशोत्सव की खुशी में रात को भव्य दीवान गुरुद्वारा सत संगत साहिब में सजाए गए, हरविंदर सिंह हजूरी रागी श्री दरबार साहिब अमृतसर, बीबी जसप्रीत कौर पटियाला, भाई सुखविंद्र सिंह नाभा साहिब, ज्ञानी परमजीत सिंह कथा वाचक ने संगत को निहाल किया। इस मौके पर मैनेजर कुलदीप सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, रविन्द्र सिंह सोनू, जगजीत सिंह जग्गा, इंजीनियर बलबीर सिंह, पिंका भाटिया, जगजीत सिंह बाबी, एमएम सिंह, ज्ञानी सतनाम सिंह हैड ग्रंथी आदि उपस्थित रहे।
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