अंबाला सिटी। शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर निगम की पिछले वर्ष से निविदा नहीं लगा सका, जिससे अब शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी का कार्य बंद है। आवारा कुत्ते पैदल और वाहनों पर चलने वाले लोगों को काट रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 20 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं। नगर निगम की ओर से एजेंसी को कार्य दिया गया था। अब कुत्तों की नसबंदी का कार्य नहीं हो रहा है, वहीं कुत्तों के लिए कोई शेल्टर भी नहीं बनाया गया है।
दिन और रात में लोगों का निकलना हुआ मुश्किल
रोजाना सुबह से लेकर शाम तक शहर में आवारा कुत्तों की भरमार देखी जा सकती है। कोई भी व्यक्ति गली या सड़क से गुजर रहा होता है तो आवारा कुत्ते पीछे पड़ जाते हैं। बीते दिनों तो एक बच्ची की सिर की खाल तक भी आवारा कुत्तों ने नोच डाली थी। शहर के रणजीत नगर, सिंघावाला, रतनगढ़, नाहन हाउस, नदी मोहल्ला, जलबेड़ा रोड, बलदेव नगर, एसए जैन कॉलेज रोड, सेक्टर-10, पटेल रोड, मानव चौक, जगाधरी गेट, जंडली के क्षेत्रों से कुत्तों के काटने के ज्यादा केस सामने आ रहे हैं।
निगम के सामने यह चुनौती भी, निविदा भी नहीं लगी
नगर निगम की ओर से पहले आवारा कुत्तों की नसबंदी का कार्य किया गया था, लेकिन यह प्रक्रिया काफी धीमी चली, जिससे शहर में सभी कुत्तों की नसबंदी नहीं हो पाई। निगम के पास आवारा कुत्तों के लिए कोई शेल्टर होम भी नहीं है, जिससे इन कुत्तों को एक जगह पर रखा नहीं जा सकता। यही नहीं आवारा कुत्तों की नसबंदी करने के लिए ज्यादा एजेंसी भी दिलचस्पी नहीं दिखाती। जिससे निविदा करने में लंबा समय लगता है।
नगर निगम की बैठक में कई बार उठा मुद्दा, आज भी ऐसे ही हालात
बीते वर्ष नगर निगम की हाउस बैठक में आवारा कुत्तों की नसबंदी का मुद्दा उठा था। निगम ने नसबंदी कार्य के लिए निविदा भी जारी की थी, उसके बाद दोबारा निविदा जारी नहीं हो पाई। जिसका खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है।
अभी कुत्तों की नसबंदी के लिए निविदा नहीं हुई है, जल्द ही इसको लेकर निविदा की जाएगी। अभी शहर में आवारा कुत्तों के लिए कोई शेल्टर होम भी नहीं है। जैसे भी राज्य सरकार के निर्देश होंगे, उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
- दीपक सूरा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।