कैंट सिविल अस्पताल की नई ओपीडी में बुधवार को मरीज परेशान होते रहे। डाक्टर अपनी सीट पर नहीं थे, जबकि मरीज उनका इंतजार कर परेशान हो चुके थे। इसी दौरान अचानक ओपीडी में पहुंचे सीएमओ के सामने मरीजों ने अपनी परेशानी रखी, जबकि सीएमओ ने खुद ही मरीजों का चैकअप किया। मरीजों और तीमारदारों की परेशानियां इसी पर खत्म नहीं हुई। वहीं दिन भर ओपीडी ब्लाक में पीने का पानी तक नसीब नहीं हो पाया।
बता दें कि एक जनवरी को अंबाला कैंट सिविल अस्पताल के नए ओपीडी ब्लाक का शुभारंभ किया गया था। इसके बाद से ही मरीज लगातार परेशान हो रहे हैं, जबकि दावा किया गया था कि नई ओपीडी मरीजों को बेहतर सुविधाएं देगी।
बुधवार को सीएमओ डा. विनोद गुप्ता सिविल अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। तो यहां पर कई मरीज डाक्टरों का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही मरीजों को जब पता चला कि सीएमओ ओपीडी में पहुंचे हैं, तो मरीजों ने सीएमओ को बताया कि वे डाक्टर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यहां डाक्टर ही मौजूद नहीं है। इस पर सीएमओ ने खुद ही एक-एक कर मरीजों का चेकअप करना शुरु कर दिया, जबकि कई मरीजों को अन्य विशेषज्ञ डाक्टरों के पास चेकअप कराने की सलाह दी। इसके बाद पहुंचे डाक्टरों को सीएमओ ने निर्देश दिए कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि मरीजों को परेशानी न हों। बताया जाता है कि एक डॉक्टर आपरेशन थिएटर में थे, वहीं अन्य डॉक्टर किसी सरकारी काम के चलते मौजूद नहीं थे।
नहीं मिला ओपीडी ब्लाक में पीने का पानी
नई ओपीडी ब्लाक में बुधवार को दिन भर पीने के लिए पानी नहीं मिल पाया। यहां पर संबंधित विभाग की एक भूल सामने आई, जिसके कारण यह दिक्कत रही। बताया जाता है कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने ओपीडी में लगे वाटर कूलर तक पानी पहुंचाने और यहां से पानी बाहर तक पहुंचाने की व्यवस्था ही नहीं की। दिन भर मरीज और तीमारदार ओपीडी के बाहर आकर पानी पीते रहे। अब वीरवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी इसकी व्यवस्था करवाएंगे।
मंजिलों के चक्कर काटते मरीज हुई परेशान
सिविल अस्पताल में अपना इलाज करवाने पहुंची करधान रोड की रहने वाले आशा देवी एक मंजिल से दूसरी मंजिल के चक्कर लगाते इस कदर परेशान हो गई कि वह रोने लगी। महिला ने बताया कि वह अपनी आंखों की जांच करवाने के लिए आई थी, जबकि डाक्टर ने कुछ टेस्ट लिख दिए। इसी को लेकर एक मंजिल से दूसरी मंजिल के चक्कर काटने के कारण यह महिला बुरी तरह से परेशान हो गई। इसी तरह घायल मरीज को लेकर ओपीडी में पहुंचे तीमारदारों को डाक्टर नहीं मिला, जिससे वे भड़क गए।
नेत्र जांच ओपीडी के बाहर अव्यवस्था को देख भड़के मरीज
बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर मौजूदा नेत्र जांच ओपीडी के बाहर भी मरीज अव्यवस्था को देख भड़क गए। इस बीच मरीजों की स्टाफ व स्पेशलिस्ट डाक्टर से बहस हुई। लेकिन अन्य स्टाफ नर्सों ने बीचबचाव कर मामले को शांत करवाया। मौजूदा मरीजों का कहना था कि वह घंटों से लाइन में लगे हुए है। लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है और जो उनके बाद आ रहे हैं वह पहले जाकर इलाज करवा रहे है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह कोई वैकल्पिक व्यवस्था करें। ताकि मरीजों को समय अनुसार देखा जा सके।
'बुधवार को सिविल अस्पताल कैंट की ओपीडी का दौरा किया गया था, जिसमें कुछ अव्यवस्थाएं मिली हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि व्यवस्थाएं सुधारी जाएं। ओपीडी में पेयजल को लेकर परेशानी रही, जबकि इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया है। डाक्टरों को कहा गया है कि ओपीडी टाइमिंग से पहले ही वार्ड में जाकर मरीजों को चेक करें। सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए काम कर रही है और जल्द ही मरीजों को भी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
- डा. विनोद गुप्ता, सीएमओ, अंबाला