अंबाला। छावनी के हिल रोड स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीपाद सिद्धांति महाराज ने गजेंद्र मोक्ष की मार्मिक कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति के लिए किसी विशेष योग्यता या जाति की आवश्यकता नहीं है, यह मनुष्य ही नहीं बल्कि प्रत्येक जीव के लिए सुलभ है।
उन्होंने बताया कि जब शक्तिशाली गजेंद्र मगरमच्छ के शिकंजे में फंस गए और उनकी अपनी शक्ति क्षीण होने लगी, तब उन्होंने पूर्ण समर्पण के साथ श्री हरि को पुकारा। भगवान विष्णु ने प्रकट होकर सुदर्शन चक्र से मगरमच्छ का वध किया और गजेंद्र को मोक्ष प्रदान किया। इस कथा का मूल संदेश है कि जब मनुष्य संसार के सारे सहारे छोड़ सच्चे हृदय से परमात्मा की शरण में आता है, तो प्रभु उसकी रक्षा अवश्य करते हैं।
इसके साथ ही महाराज ने चार रानियों के दृष्टांत से भक्ति का वास्तविक महत्व समझाया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को हरिनाम जप माला भी वितरित की गई। भक्त बांधव समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शनिवार को कथा के विश्राम दिवस पर श्रीकृष्ण जन्म, उनकी मधुर बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया जाएगा।
छावनी के हिल रोड स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। सभा