संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जिले की अनाज मंडियों में लगातार धान की आवक हो रही है, जिससे अब मंडियों में अब धान की ढेरियां दिखनी शुरू हो गई हैं। धान की खरीद होने के बाद भी मंडियों में उठान शुरू नहीं हुआ है। इस वजह से किसानों और आढ़तियों के लिए भी दिक्कत बढ़ रही है। खरीद एजेंसियों की ओर से जल्द उठान करवाने की बात कही जा रही है, लेकिन शुक्रवार तक राइस मिलर्स के पंजीकरण भी नहीं हो पाए। ऐसे में उठान की समस्या अभी देखने को मिल सकती है। वहीं, जिले की मंडियों में शाम 6 बजे तक 42,704 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी थी और 29,748 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी थी।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अपार तिवारी ने बताया कि जिले में करीब 143 राइस मिलर्स के पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन सर्वर धीमा होने से थोड़ी दिक्कत आ रही है। शनिवार से धान का उठान शुरू हो सकता है। वहीं, कच्चा आढ़ती एसोसिएशन अंबाला शहर मंडी प्रधान मक्खन गोयल ने बताया कि मंडी में बारदाना पर्याप्त है। अभी धान उठान का कार्य शुरू नहीं हुआ है।
उठान न होने से मंडी में जमा होने लगा धान
धान की खरीद के बाद उसे बोरियों में भरकर लगाया जा रहा है। 22 सितंबर को धान की खरीद शुरू हुई थी। पांच दिन बाद भी धान का उठान शुरू नहीं हुआ। इस वजह से मंडी में धान की बोरियां जमा होने लगी है और किसानों को अपनी फसल गिराने में दिक्कत आ रही है।
सरकार के नियमों की हो रही अवहेलना : गुरमीत सिंह
डिजिटल कांटे को लेकर भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से अनाज मंडियों में डिजिटल कांटे से तोलाई के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अभी भी फर्शी कांटे से किसानों की फसल की तोलाई हो रही है। मंडियों में सरकार के निर्देश की अवहेलना की जा रही है। उनकी मांग है कि डिजिटल कांटे से धान की तोलाई की जाए।
इन मंडियों में इतना पहुंच चुका धान
मंडी धान की आवक एमटी में
अंबाला छावनी 3,979.48
अंबाला सिटी 5,809.45
बराड़ा 3,826.38
भरेड़ी कलां 740.50
बेरखेड़ी 1,241.40
कड़ासन 1,909.70
केसरी 429.40
मुलाना 5,987.30
नन्योला 163.00
नारायणगढ़ 6,437.20
साहा 5,106.60
सरदहेड़ी 911.30
शहजादपुर 2,726.20
तलहेड़ी गुजरां 2,879.70
उगाला 613.50
शहर के नई अनाज मंडी में डिटिजल कांटे से धान की तोलाई करने की मांग करते हुए किसान।
शहर के नई अनाज मंडी में डिटिजल कांटे से धान की तोलाई करने की मांग करते हुए किसान।