अंबाला। कैंट के ऑलवेदर स्वीमिंग पूल के लिए अस्थायी स्टाफ रखना जिला खेल विभाग के लिए चुनौती बन गया है। तीन माह के लिए रखे जाने वाले 10 अस्थायी स्टाफ के लिए एक सप्ताह बाद भी कोई आवेदन करने के लिए नहीं पहुंचा। जो आए वो विभाग के तीन माह के फरमान को सुनकर लौट गए। इसलिए विभाग ने अब अपने कार्यालय में इन पदों के लिए आवेदन करने वालों के लिए निर्धारित समय हटा दिया है। कोई कभी भी आकर आवेदन कर सकता है।
उधर, 10 अस्थाई कर्मचारियों के न आने पर पूल में तैराकी के लिए केवल ट्रेंड लोगों को ही अनुमति मिली हुई है। ऐसे में महज 50 खिलाड़ी की प्रशिक्षण ले पा रहे हैं। जबकि तैराकी सिखने वालों की संख्या न के बराबर है। अस्थाई स्टाफ के आने के बाद ही एंट्री मिलने की बात बोलकर लोगों को लौटाया जा रहा है। पूल को सुचारू रूप से चलाने के लिए 4 लाइफ गार्ड, 2 सफाई कर्मचारी, 1 प्लांट ऑपरेटर, 1 इलैक्ट्रिशियन, 2 सिक्योरिटी गार्ड रखे जाएंगे। लाइफ गार्ड पूल में डूबने वालों को बचाने के लिए होते हैं। 31 मार्च को टेंडर खत्म होने के बाद ठेकेदार अपने कर्मचारी लेकर चला गया था। ऊर्जा मंत्री अनिल विज की दखल के बाद खेल मंत्री गौरव गौतम ने पूल चलाने के लिए विभाग की ही जिम्मेदारी लगा दी थी। अभी केवल एक स्वीमिंग पूल राम ही है। इसलिए अभी नए बच्चों व युवकों को बुलाया नहीं जा रहा। संवाद
स्वीमिंग पूल के लिए 10 अस्थाई स्टाफ को रखा जाना है। अभी तक कोई कर्मचारी नहीं मिला है। जल्द ही इनकी तैनाती कर बाहरी लोगों की संख्या को बढ़ाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पूल का इस्तेमाल कर सके।
राजबीर रंगा, जिला खेल अधिकारी, अंबाला