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नौ तहसीलदारों पर गिरफ्तारी की तलवार

Fri, 04 Oct 2013 12:21 AM IST
अंबाला
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मध्यप्रदेश में टांटीपुर नामक फर्जी तहसील दिखाकर बनवाई गई फर्जी जनरल पॉवर ऑफ अटार्नी (जीपीए) के आधार पर अंबाला में प्लाटों की रजिस्ट्री करने के मामले नौ नायब तहसीलदार और तहसीलदारों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
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विजिलेंस ने इन तहसीलदारों के खिलाफ एक स्पेशल रिपोर्ट सीजेएम की अदालत में पेश कर सभी को आरोपी की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में आगामी कार्रवाई करने को कहा है। रिपोर्ट में विजिलेंस ने सभी नौ तहसीलदारों के खिलाफ सुबूत भी कोर्ट के समक्ष पेश किए हैं।

सुबूतों के आधार पर इन तहसीलदारों को इस फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी बनाया गया है। कोर्ट में विजिलेंस रिपोर्ट द्वारा स्पेशल रिपोर्ट दाखिल करने के बाद अब इन आरोपी तहसीलदारों को विजिलेंस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।
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इन तहसीलदारों पर कसा शिकंजा
कोर्ट में दाखिल विजिलेंस की स्पेशल रिपोर्ट ये वे नायब तहसीलदार और तहसीलदार है। जिन्होंने फर्जी जनरल पॉवर ऑफ अटार्नी पर जमीनों की रजिस्ट्रियां की।

विजिलेंस इंस्पेक्टर शमशेर सिंह ने बताया कि आरोपी नायब तहसीलदार व तहसीलदारों में कैप्टन विनोद शर्मा, आरएस बाबू, देवेंद्र संधू, मुकेश, चंद्र प्रकाश, जसपाल, रमेश सिंगला, राजीव शर्मा व जगपाल सिंह शामिल है। विजिलेंस ने इनके खिलाफ आगामी कार्रवाई लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह है मामला
मध्यप्रदेश के टांटीपुर इलाके में एक फर्जी तहसील से जमीनों की फर्जी जीपीए बनवाकर प्रापर्टी डीलरों व कालोनाइजरों ने खूब खेल खेला। इन फर्जी जीपीए पर यहां लोगों के प्लाटों की नायब तहसीलदारों व तहसीलदारों से रजिस्ट्रियां करवाकर खूब कमाई की। इस संबंध में शिकायत होने पर विजिलेंस इस मामले की जांच कर रही है।

 इसमें विजिलेंस ने अंबाला में 271 ऐसी रजिस्ट्रियां पकड़ी है, जो फर्जी जीपीए के आधार पर करवाई गई थी और ये जीपीए टांटीपुर तहसील से तैयार करवाए गए थे। इस मामले में विजिलेंस ने पांच प्रापर्टी डीलरों को काबू कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश है। लेकिन अब विजिलेंस ने अपनी स्पेशल रिपोर्ट में इसी मामले में उक्त तहसीलदारों को भी आरोपी बना लिया है।

डीसी रद्द कर चुके हैं रजिस्ट्रियां
डीसी ने भी इस संवेदनशील मामले में 271 रजिस्ट्रियां रद कर दी है। डीसी अंबाला ने यह निर्णय इस मामले की प्रथम दृष्टया सामने रही सनसनीखेज रिपोर्ट के बाद किया है। जिनकी रजिस्ट्रियां रद की गई है, उनके नाम डीसी कार्यालय के बाहर चस्पा कर दिए गए हैं।
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