माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। शंभू बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को 150 दिनों से अधिक का समय हो चुका है। इतने दिनों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को 108 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। क्योंकि 13 फरवरी को किसान आंदोलन के कारण शंभू टोल प्लाजा को बंद किया था। तब से लेकर अभी तक अंबाला लुधियाना राजमार्ग शुरू नहीं हो सका है।
ऐसे में यहां मौजूद शंभू टोल प्लाजा को 108 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। एनएचएआई के अनुसार हर दिन 72 लाख रुपये का एनएचएआई को नुकसान उठाना पड़ रहा है। शंभू टोल प्लाजा का जुलाई तक करार है, ऐसे में किसान नहीं उठते तो इसके बाद जब तक यह मार्ग खुल नहीं जाता तब तक कोई कंपनी इस टोल पर काम भी नहीं संभालेगी। वहीं अभी तक ऐसे आसार बनते दिखाई नहीं दे रहे हैं कि मार्ग खुल जाए।
किसानों से नहीं हो रही वार्ता, वह भी निश्चिंत होकर बैठे
किसान आंदोलन की शुरुआत में किसानों से केंद्र सरकार के मंत्रियों की वार्ता हुई मगर कोई स्थाई समाधान नहीं निकला। इस बीच किसानों के बैठे होने से चुनाव पर भी असर पड़ा। यह तो सभी दलों को दिखाई दे रहा है। मगर इसके बावजूद अभी तक आगे की वार्ता के लिए कोई रास्ता नहीं निकाला जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ किसान नेता निश्चिंत होकर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकारें सभी मांगें नहीं मानती है तब तक वह अपने धरने पर काबिज रहेंगे। कड़ाके की सर्दी और अब भीषण गर्मी में भी किसानों के हौसले बुलंद हैं।
व्यापार को भी हो रहा नुकसान
अंबाला से पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में लंबे समय से व्यापार होता रहा है। अंबाला की कपड़ा मार्केट, मनियारी मार्केट व सर्राफा मार्केट को इन 150 दिनाें में 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। इसके लिए सभी बाजारों की एसोसिएशन मिलकर सरकार काे पत्र भी लिख चुकी हैं इसके बावजूद अभी तक उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया। वहीं दूसरी तरफ अंबाला से बहुत से लोग रोजाना अपने कार्यों के लिए पंजाब आते जाते हैं। अब उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों से लंबी दूरी तय कर के जाना पड़ रहा है। इसी प्रकार यात्रियों को भी पंजाब पहुंचने में अधिक समय लग रहा है। वहीं दिल्ली से आने वाले यात्रियों को भी चंडीगढ़ के रास्ते पंजाब को जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। होलसेल कपड़ा मार्केट एसोसिएशन के प्रधान विशाल बतरा ने बताया कि पंजाब की सीमा बंद होने से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। इस पर जल्द निर्णय लेने की आवश्यकता है। हम अपने ज्ञापन के माध्यम से भी समस्या बता चुके हैं। व्यापारियों को पहले से ही काफी नुकसान है, ऐसे में बीते चार महीनों से अधिक समय से सीमा बंद होने से व्यापारी वर्ग काफी प्रभावित है।