ट्विन सिटी में पूरी ग्रीन बेल्ट अवैध कब्जों की वजह से खत्म हो गई। इस पर रेहड़ी फड़ी वालों के साथ स्ट्रीट फूड का कारोबार करने वालों ने पूरी तरह कब्जा जमा लिया। हुडा सेक्टर में तो कई जगह ग्रीन बेल्ट पर मिल्क बूथ तक स्थापित हो गए हैं। निरंतर हो रहे इन कब्जों को लेकर अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्ती दिखाई है। नगर निगम व नप अधिकारियों के साथ हुडा प्रशासक को भी साफ आदेश दिए गए कि वे इस महीने के अंत तक कब्जे हटाकर रिपोर्ट यूएलबी को भेजे।
हुडा के फेल होने के बाद दी थी चुनौती
हुडा सेक्टर्स में ग्रीन बेल्ट की देखरेख का जिम्मा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पास है। पर हुडा अधिकारियों के सामने ही सभी सेक्टर (सेक्टर-1, 7, 8, 9 व 10) की ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जे हो गए। शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने कभी ये कब्जे हटाने की कार्रवाई नहीं की। कब्जे हटाने में हुडा के फेल होने के बाद राज्य की एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने इस मामले को एनजीटी में चुनौती दी थी। आरोप लगाया ये लगाया था कि सेक्टर्स की ग्रीन बेल्ट पर लगातार कब्जे हो रहे हैं। शराब ठेकों के साथ मिल्क बूथ समेत दूसरी गतिवधियों की परमिशन दी जा रही है। जबकि ग्रीन बेल्ट पर ऐसी गतिविधियां की पूरी तरह पाबंदी है।
रेहड़ी फड़ी वालों ने जमाया कब्जा
इंको पुल से सेक्टर-10 मोड़ तक जाने वाली हुडा सेक्टर्स की मुख्य सड़क की पूरी ग्रीन बेल्ट पर रेहड़ी फड़ी वालों ने कब्जा जमा लिया है। फल व सब्जियां बेचने वालों के साथ ग्रीन बेल्ट के दोनों ओर स्ट्रीट फूड का धंधा भी धड़ल्ले से चल रहा है। कार रिपेयर व बेचने का कारोबार भी यहां बेरोकटोक चल रहा है। कई दुकानदार भी बेल्ट पर व्यवसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। इस कारण ग्रीन बेल्ट पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
स्थापित हो गए मिल्क बूथ
सेक्टर-9 में कर्ण पैलेस के सामने ग्रीन बेल्ट पर मिल्क बूथ स्थापित हो गया है। साथ ही बीडी-सिगरेट बेचने वाले ने भी यहां खोखा रख लिया है। पहले शराब का ठेका भी यहां स्थापित हो गया था। मगर बाद में उसे हटा लिया गया। ग्रीन बेल्ट पर स्थापित किए गए बूथ पर दिनभर भीड़ होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही में भी दिक्कत रहती है। इसी तरह सेक्टर-7 व 10 में भी ग्रीन बेल्ट पर मिल्क बूथ स्थापित किए गए हैं। कई महीने से यहां व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
कच्चे-पक्के कब्जे हटाने के आदेश
एनजीटी ने हुडा के साथ नगर निगम व नप अधिकारियों को ग्रीन बेल्ट पर हुए कच्चे व पक्के अवैध कब्जे तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। कब्जों को लेकर सरकार से भी जवाब मांगा गया है। इस महीने के अंत तक उक्त विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई रिपोर्ट भी भेजनी है।
हुडा सेक्टर्स की बेल्ट पर कहां कब्जे हैं। इसकी जांच करवाई जाएगी। अभी मेरे पास कब्जे हटाने के कोई आदेश नहीं आए हैं। अगर आदेश आते हैं तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ग्रीन बेल्ट व हुडा पार्कों में मिल्क बूथ पोलिसी के आधार पर अलॉट किए गए हैं। फिलहाल बूथ की कोई नई अलॉटमेंट नहीं की गई है।
किरण सिंह, एस्टेट ऑफिसर, अंबाला