हरियाणा वक्फ बोर्ड की जमीन के करीब 23 हजार किराएदारों को बड़ी राहत मिलने वाली है। मनोहर सरकार ने वक्फ लीज रूल में संशोधन के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में यह बात साफ की गई कि किराएदारों के कब्जे वाली जमीन की बोली संभव नहीं हैं। इन जमीनों पर बड़े स्तर पर रिहायशी व व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं। इसके साथ ही कानून में संशोधन के लिए कई दूसरे तर्क भी दिए गए हैं। उधर राज्य सरकार के इस प्रस्ताव से किराएदार भी खुश हैं। बोर्ड अधिकारियों की मानें तो संशोधन के तुरंत बाद ही कानून को लागू कर दिया जाएगा ताकि किराएदारों को राहत मिल सके।
नई व्यवस्था से मुसीबत में थे किराएदार
कुछ साल पहले हरियाणा वक्फ बोर्ड के लीज रूल में संशोधन के बाद यह तय हुआ था कि अब बोर्ड की कोई संपत्ति सीधे लीज या फिर किराए पर नहीं दी जाएगी। बोली के जरिए ही इस संपत्ति को अलॉट किया जा रहा था। इस संशोधन से सबसे बड़ी मुश्किल उन किराएदारों को हो गई थी जिन्होंने अलॉटमेंट के बाद जमीन पर बड़े रिहायशी व व्यवसायिक भवन खड़े कर लिए थे। मोटे निवेश की वजह से ये किराएदार इस संशोधन से सकते में थे। इसी वजह से इसका लगातार विरोध हो रहा था। ज्यादातर किराएदार भी इस व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे थे।
कमेटी की रिपोर्ट पर लिया फैसला
लीज रूल में संशोधन को लेकर पहले राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय कमेटी को जांच के आदेश दिए थे। किराएदारों से बातचीत व दूसरे पहलुओं की समीक्षा करने के बाद ही इस कमेेटी ने लीज रूल में बदलाव की सिफारिश राज्य सरकार से की थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर ही मनोहर सरकार ने केंद्र सरकार से लीज रूल में संशोधन का आग्रह किया है। मंजूरी के तुरंत बाद ही किराएदारों की मुश्किल का समाधान होने की बात कही जा रही है।
किराए पर हैं बोर्ड की 23 हजार संपत्तियां
1963 से 1969 के बीच हरियाणा वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को लेकर सरकार की ओर से एक सर्वे करवाया था। उस रिपोर्ट के आधार पर ही राज्य में वक्फ की 12524 संपत्तियाें का पता चला था। इसमें 8207 ग्रामीण व 4317 संपत्तियां शहरी एरिया में पाई गई थी। रिपोर्ट में सभी संपत्तियों का कुल क्षेत्रफल 20855.2 एकड़ मिला था। इन संपत्तियों पर 23000 किराएदार हैं। 30 फीसदी संपत्तियों पर व्यवसायिक व 55 फीसदी पर रिहायशी गतिविधियां चल रही हैं। जबकि बचे जमीन पर कृषि का कार्य हो रहा है। इन संपत्तियों से बोर्ड को करीब 20 करोड़ की आमदनी होती है।
अंबाला में 1080 संपत्तियां
बोर्ड की जिले में 1080 संपत्तियां हैं। इनमें 388 शहरी व 692 संपत्तियां ग्रामीण में हैं। पंचकूला में बोर्ड की कुल 104 संपत्तियां हैं। इनमें 72 ग्रामीण व 32 संपत्तियां शहरी एरिया में हैं। इसी तरह यमुनानगर में बोर्ड की कुल संपत्तियों की संख्या 591 हैं। इनमें 533 संपत्तियां ग्रामीण व 58 शहरी एरिया में हैं। कुरुक्षेत्र में 699 संपत्तियां ग्रामीण व 286 शहरी एरिया में हैं। कैथल में कुल 543 संपत्तियां हैं। यहां बोर्ड की 381 संपत्तियां ग्रामीण व 162 शहरी एरिया में हैं।
यह बिल्कुल सही है कि राज्य की ओर से वक्फ के लीज रूल में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। बोर्ड की संपत्तियों को लीज या फिर किराए पर देने के लिए नए कानून में बोली पर देने की व्यवस्था की गई थी। यह व्यवस्था लागू भी हो गई थी। मगर किराएदारों की मांग पर इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई। उसकी कमेटी ने राज्य सरकार से कानून में बदलाव की सिफारिश की। इसमें कोई संदेह नहीं कि प्रस्ताव की मंजूरी के बाद किराएदारों को राहत मिलेगी।
इम्तियाज खिजर, प्रशासनिक ऑफिसर, हरियाणा वक्फ बोर्ड