एक इंसान को डॉक्टर ही मृत घोषित कर सकता है, लेकिन यहां पर समाज कल्याण विभाग ने जीवित इंसान को मृत घोषित कर दिया। समाज कल्याण विभाग अंबाला ने एक विधवा महिला को मृतक दिखा कर उसकी पेंशन रोक दी, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए। बावजूद इसके पिछले करीब तीन माह से यह महिला समाज कल्याण कार्यालय के चक्कर काटकर स्वयं के जिंदा होने के प्रमाण दे रही है। काबिलेजिक्र है कि विभाग इसे जिंदा मानने को तैयार ही नहीं है।
जानकारी के अनुसार मुलाना निवासी राजबाला (58) के बेटे सौरभ गुप्ता ने बताया कि उनके पिता महिंद्र की मौत 22 अक्तूबर 2005 में हो गई थी। उनकी माता राजबाला 5 मार्च 2014 से विधवा पेंशन ले रही थी, लेकिन फरवरी 2019 की उनकी पेंशन नहीं आई। उन्होंने सोचा कि किसी कारणवश पेंशन नहीं आई होगी व अगले महीने आ जाएगी, लेकिन महिला की पेंशन मार्च, अप्रैल व मई महीने की भी न आने पर उनके बेटे सौरभ ने समाज कल्याण विभाग के अंबाला कार्यालय में संपर्क किया। जहां से उन्हें बताया गया कि उनकी माता का देहांत 22 फरवरी 2019 को होने के कारण उनकी पेंशन रोक दी गई है, जिसके बाद सौरभ गुप्ता हैरान रह गए। सौरभ गुप्ता ने बताया कि उनकी माता राजबाला तो बिल्कुल सही सलामत मुलाना में घर पर है, लेकिन विभाग वाले अपने स्टेटस रिपोर्ट पर अड़े रहे।
सौरभ ने बताया कि विभाग द्वारा मांगे गए संबंधित कागजात देने के बावजूद तीन महीने होने के बाद भी उनकी माता राजबाला का स्टेटस मृत दिखाया जा रहा है। उन्होंने बताया इसे ठीक करवाने के लिए वो व उनकी मां कई बार जिला समाज कल्याण ऑफिस के कई चक्कर लगा चुके हैं।
गलती अपनी फिर भी ऐसी हेकड़ी
सौरभ गुप्ता ने बताया जब विभाग को उनकी गलती बता दी तो यह काम जल्दी ही हो जाना चाहिए था। इस काम में महीनों लग रहे हैं। जिला समाज कल्याण अंबाला के ऑफिस कर्मचारी काम के लिए बार-बार चक्कर लगवाते हैं। जब वहां कार्यालय पहुंचते तो कई बार कर्मचारी ही नहीं मिलता। यदि फोन पर कर्मचारी को पूछा जाए है तो वो सही से व्यवहार नहीं करते, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हो चुके हैं कि जिंदे को जिंदा साबित करने के लिए पसीने छूट रहे हैं।
बिना डेथ सार्टिफिकेट कैसे बदला स्टेटस
सौरभ गुप्ता ने बताया कि उनकी मां राजबाला बिल्कुल सही सलामत हैं। फिर भी जिला समाज कल्याण विभाग ने उनकी स्टेटस रिपोर्ट में उन्हें मृत घोषित कर दिया। सौरभ गुप्ता ने जिला समाज कल्याण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी मृत्यु प्रमाण के पत्र के किसी जीवित व्यक्ति को स्टेट्स रिपोर्ट में मृत कैसे घोषित कर सकते हैं। यह तो लोगों को सरासर परेशान करने वाली बात है। उन्होंने बताया कि किसी भी इंसान की सांसें चली जाने के बाद एक डॉक्टर ही उसे मृत घोषित कर सकता है, लेकिन यहां पर समाज कल्याण विभाग ने ही इंसान को मृत घोषित कर दिया है।
मुलाना निवासी महिला राजबाला की पेंशन में आ रही परेशानी को जल्द ठीक कर दिया जाएगा। उनका आधार कार्ड अपडेट किया गया है। अब समस्या नहीं आएगी।
- विनोद कुमार अन्वेषक जिला समाज कल्याण विभाग अंबाला।
पीड़ित को आई परेशानी के लिए खेद है, लेकिन मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मुझे विनोद ने भी मामला नहीं बताया। महिला के जीवित होने के बाद भी मृत स्टेटस अपडेट होना कई कारणों से होता है, लेकिन इसे दुरुस्त कराने में बिलकुल भी समय नहीं लगता। मैं मामले के बारे में जानकारी लूंगी।
- जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर