अंबाला सिटी। संयुक्त छावनी और अंबाला शहर से अलग होने के बाद गठित हुए अंबाला नगर निगम को शक्तिरानी के रूप में पहली महिला मेयर मिली। 7 साल बाद हुए नगर निगम के चुनाव में भाजपा अपने गढ़ को नहीं बचा पाई। महज एक महीने पहले चुनाव में उतरने की घोषणा करने वाले कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी भाजपा की रणनीति पर भारी पड़ी और हर कदम पर पूर्व केंद्रीय मंत्री की पार्टी ने भाजपा के घुटने टिका दिए।
अंबाला में भाजपा की यह हार इसीलिए भी बड़ी है क्योंकि यहीं के गृहमंत्री हैं और चार विधानसभा सीटों में से तीन पर भाजपा का कब्जा है जबकि अंबाला लोकसभा सीट भी भाजपा के ही सांसद रतनलाल कटारिया खाते में आई थी। शक्तिरानी को कुल 37604 वोट मिले जबकि भाजपा की वंदना शर्मा को 29620 वोट मिले हैं।
भाजपा के यह आठ पार्षद जीते
वार्ड नंबर 3 से मनीश आनंद, वार्ड नंबर 6 अर्चना छिब्बर, वार्ड नंबर 7 से मोनिका, वार्ड नंबर 8 से मीना ढींगरा, वार्ड नंबर 13 से यतीन बंसल, वार्ड नंबर 15 से शोभा सिंह पुनिया, वार्ड नंबर 16 से हितैष जैन और वार्ड नंबर 20 से प्रीति ने जीत दर्ज करवाई।
हरियाणा जनचेतना पार्टी के 7 पार्षद जीते
वार्ड नंबर 1 से जसबीर सिंह, वार्ड नंबर 2 से फकीरचंद, वार्ड नंबर 11 से राजेंद्र कौर, वार्ड 12 से अमनदीप कौर, वार्ड नंबर 17 से राणो देवी, वार्ड नंबर 18 सरदूल सिंह, वार्ड नंबर 19 से राकेश कुमार ने जीत दर्ज करवाई है।
कांग्रेस से इन्हें मिली जीत
वार्ड नंबर 5 से राजेश मेहता, वार्ड नंबर 9 से मेघा गोयल व वार्ड नंबर 10 से मिथुन वर्मा।
हरियाणा डेमोक्रेटिक के इन प्रत्याशियों ने बचाई लाज
वार्ड नंबर 4 से विजय उर्फ टोनी चौधरी और वार्ड नंबर 14 से रूबी सोदा को जीत मिली।