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वार्ड आरक्षण प्रक्रिया पूरी, अब चुनावी बिगुल का इंतजार

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nagar nigam - फोटो : Ambala
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अंबाला सिटी। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सोमवार को नगर निगम के वार्ड आरक्षित कर दिए गए। डीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वार्ड आरक्षित किए गए। इस दौरान वीडियोग्राफी करवाई गई। वार्ड आरक्षित होने के बाद अब नगर निगम के चुनाव की औपचारिक घोषणा शेष है। अलबत्ता अब किसी भी समय सरकार चुनाव का बिगुल बजा सकती है।
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बता दें अंबाला नगर निगम का कार्यालय जुलाई 2018 में समाप्त हो गया था। इसके बाद से लेकर अब तक शहरवासियों को शहरी सरकार का बेसब्री से इंतजार है जोकि अब जल्द पूरा होता हुआ नजर आ रहा है। वार्डबंदी के लिए हुई बैठक में डीसी व निगम आयुक्त के अलावा, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के उपनिदेशक आरएस पराशर, सदस्य रितेश गोयल, कृपाल सिंह सग्गु, सुरेश सहोता व अन्य मौजूद रहे।
अब यह वार्ड हैं एससी वर्ग के लिए आरक्षित
01, 02, 07, 11 और 14 को अनुसूचित जाति वार्ड ( एससी) के लिए आरक्षित हैं। इन्हीं में से वार्ड नंबर 11 और 14 एससी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
पिछड़े वर्ग के लिए यह किए गए आरक्षित
वार्ड नंबर 04 और 18 को पिछड़े वर्ग यानि बीसी कैटागिरी के लिए आरक्षित किया गया है।
इनमें केवल महिलाएं ही लड़ सकेंगी चुनाव
वार्ड नंबर 06, 09, 12, 17 व 20 को ड्रॉ द्वारा महिलाओं के लिये आरक्षित किया गया है।
इन वार्ड में चुनाव लड़ सकेंगे सामान्य वर्ग के प्रत्याशी
सामान्य वर्ग के लिए वार्ड नंबर-03, 05, 08, 10, 13, 15, 16 और 19 रह गए हैं।
पूर्व पार्षद सोनिया और उनके पति की बल्ले-बल्ले
वार्डबंदी और वार्ड आरक्षित होने के बाद सबसे ज्यादा लाभ वार्ड नंबर एक की पूर्व पार्षद सोनिया रानी व उनके पति टोनी चौधरी को हुआ है। क्योंकि पूर्व में वार्ड नंबर एक एरिया वर्तमान के वार्ड नंबर 3, 4, 5 और 6 में चला गया है। ऐसे में सोनिया चौधरी या उनके पति या यह दोनों ही किसी भी वार्ड से मैदान में उतर सकते हैं। इसके अलावा 4 नंबर वार्ड बीसी के लिए आरक्षित है यह यहां से भी चुनाव लड़ सकते हैं।
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मेयर के खाते में आया वार्ड नंबर सात
निवर्तमान मेयर रमेशमल का पहले वार्ड नंबर 3 था जोकि अब वार्ड नंबर 7 बन गया है। ऐसे में अब पूर्व मेयहर रमेशमल को वार्ड नंबर 7 में पसीना बहाना पड़ेगा। क्योंकि पहले मेयर कांग्रेस के थे और अब वह भाजपाई हो चुके हैं।
मेहता परिवार के पास अब 5 नंबर वार्ड से चुनाव लड़ने का विकल्प
पूर्व पार्षद दर्शना मेहता पहले वार्ड नंबर दो में थी। लेकिन नई वार्डबंदी में अब वह केवल 5 नंबर वार्ड से ही चुनाव लड़ सकती हैं या उनके स्थान पर राजेश मेहता चुनाव में उतर सकते हैं। बता दें कि वार्ड नंबर 2 को तोड़कर अब 2, 4 और 5 में तब्दील कर दिया गया है। 4 नंबर बीसी और 2 नंबर एससी के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में मेहता परिवार के लिए केवल 5 नंबर वार्ड का विकल्प ही शेष है।
गुगलानी के पास 8 नंबर वार्ड का विकल्प
पूर्व पार्षद रूपम गुगलानी पहले 5 नंबर वार्ड में थी लेकिन अब नई वार्डबंदी के अनुसार उनका वार्ड 8 नंबर में आता है। हालांकि अभी गुगलानी परिवार चुनावी समर में उतरेगा या नहीं यह सुनिश्चित कर पाना इस परिवार के लिए दुविधा भरा है क्योंकि रूपम के पति राजन गुगलानी लंबे समय से बीमार चल रहे हैं।
कपूर परिवार के पास दो विकल्प
कपूर परिवार को भी अब चुनाव में नए सिरे से मेहनत करनी होगी। क्योंकि पहले का वार्ड नंबर चार इस समय तीन टुकड़ों वार्ड नंबर 1, वार्ड नंबर 9 और 10 में चला गया है। ऐसे में वार्ड नंबर 9 से पूर्व पार्षद मीनाक्षी और 10 से पूर्व उनके पति यदि पार्टी चाहेगी तो चुनावी समर में उतर सकते हैं। क्योंकि 9 महिला के लिए आरक्षित है और 10 सामान्य
बिट्टूू चावला के पास वार्ड नंबर 13 का विकल्प
पूर्व पार्षद बिट्टू चावला पहले वार्ड नंबर 11 से चुने गए थे लेकिन अब उनका वार्ड 13 और 14 में तब्दील हो गया है। 14 नंबर वार्ड आरक्षित होने के कारण यहां से चावला परिवार का कोई सदस्य चुनावी समर में उतरना तय है।
एक नंबर वार्ड में दिखेंगे नए चेहरे
एक नंबर वार्ड में पहली बार निगम में शामिल किए गए गांव आए हैं। ऐसे में इस वार्ड से अब नए चेहरे ही चुनावी समर में दिखाई देंगे।
हिम्मत सिंह, पुनिया और अग्रवाल परिवार नहीं उतरेगा मैदान में
पूर्व पार्षद हिम्मत सिंह का वार्ड नंबर 9 भी वार्ड नंबर 17 और दो अन्य वार्ड में तब्दील हो चुका है लेकिन हिम्मत सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनावी समर में नहीं उतरेंगे क्योंकि वह विधायक का चुनाव दो बार लड़ चुके हैं। इसी तरह पूर्व पार्षद पुनिया का वार्ड नंबर 10 इस समय 15, 18 और 20 में चला गया है लेकिन वह साफ कर चुके हैं कि पार्षद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसे में इन वार्ड से भी अब नए चेहरे भी आएंगे। इसी तरह पूर्व पार्षद पवन अग्रवाल जिनका वार्ड 6 था वह भी चुनाव नहीं लड़ेंगे उनका वार्ड भी तीन हिस्सों वार्ड नंबर 2, 3 और 5 में विभाजित हुआ है।
दलजीत सिंह भाटिया का वार्ड लेडी के लिए आरक्षित
पूर्व पार्षद दलजीत सिंह भाटिया वार्ड नंबर 7 से चुने गए थे लेकिन इस समय उनके वार्ड 11 और 12 में चला गया है। 11 वार्ड एससी आरक्षित है जबकि वार्ड नंबर 12 सामान्य वर्ग महिला के लिए। ऐसे में दलजीत सिंह भाटिया चाह कर भी चुनाव में नहीं उतर सकते। हां वह अपनी पुत्र वधू को ऐसी स्थिति में चुनावी समर में जरूर उतार सकते हैं।
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