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पार्षदों की असहमति के बावजूद 86.57 करोड़ का सालाना बजट पास

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अंबाला सिटी: बैठक में बैठे पार्षद व अधिकारी। - संवाद। - फोटो : Ambala
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नगर निगम हाउस की बैठक में पार्षदों की असहमति के बावजूद 86.57 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ। हजपा के सभी 8 पार्षदों ने बजट पढ़ने के लिए दो दिन का समय मांगा। उन्होंने कहा कि 8 पेज के इस बजट को एकदम कैसे पास कर सकते हैं। इस पर ईओ और आयुक्त ने कहा कि हम आपको बजट पढ़कर समझा देते हैं। ईओ ने ऐसा ही किया। इसके बावजूद वार्ड नंबर-5 के पार्षद राजेश मेहता ने बजट के पढ़ने के लिए कम से कम 48 घंटे का समय मांगा। इसका समर्थन करते हुए कांग्रेस के वार्ड नंबर 10 के पार्षद मिथुन वर्मा ने सवाल उठाया कि प्रस्तावित बजट में 4 करोड़ 95 लाख रुपये का क्लोजिंग बैलेंस एक अप्रैल का अभी से कैसे प्रस्तावित किया जा सकता है? इसका अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था।
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उनकी इस बात का समर्थन वार्ड नंबर 9 की कांग्रेसी पार्षद मेघा गोयल ने भी किया। इस तरह सभी हजपा और दो कांग्रेस के पार्षदों ने बजट पास करने से पहले उसे पढ़ने के लिए दो दिनों का समय मांगा। इस पर आयुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि सदन का क्या कहना है। यह जानने के लिए पार्षदों से कहा गया कि जो अभी बजट पास नहीं करवाना चाहते हाथ खड़े कर दें। हजपा के साथ 8 और दो कांग्रेसियों ने हाथ खड़े कर दिए। इस तरह सदन में 9 पार्षद ऐसे थे जोकि बजट पास करवाना चाहते थे क्योंकि वार्ड नंबर 14 की पार्षद रूबी सोदा अनुपस्थित थीं। 10 पार्षदों की असहमति के बावजूद आयुक्त ने बजट पास कर दिया। हालांकि बाद में हजपा के पार्षदों ने जब विरोध किया तो आयुक्त ने कहा कि वीडियो रिकार्डिंग में देखने के बाद यह तय करेंगे कि बजट पर दोबारा बैठक होगी या नहीं।
खाली पदों पर होगी भर्ती
बजट में इस साल जनवरी तक 18 करोड़ 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं, यानि औसतन 9 महीने में (मई से जनवरी तक) औसतन 2 करोड़ रुपये वेतन के जारी किए गए, लेकिन इस साल वेतन पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मुख्य कारण यह है कि नगर निगम में करीब 650 कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें सबसे ज्यादा सफाई कर्मी शामिल होंगे। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि नियमानुसार 400 व्यक्तियों पर एक सफाई कर्मी होना चाहिए। नगर निगम में इस समय कुल 565 सफाई कर्मी हैं और शहर की आबादी 3 लाख 3 हजार 850 है। इस तरह सफाई करीब 760 कर्मी नगर निगम में होने चाहिए। अलबत्ता करीब 200 सफाई कर्मी की तो वार्डों में ही जरूरत है। इसके अलावा जो अन्य पद रिक्त हैं उन पर भी भर्ती की जाएगी। इसीलिए इस्टेब्लिशमेंट यानि कर्मियों के वेतन पर इस बार करीब 24 करोड़ से बढ़कर 50 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है।
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आधे घंटे में पास कर दिया गया 8 पेज का बजट
बजट की बैठक दोपहर करीब 2 बजकर 27 मिनट पर शुरू हुई और दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर यह बैठक खत्म कर दी गई। बजट में ऐसे कई तथ्य थे जिनके सवाल पार्षद पूछना चाहते थे और इसीलिए ज्यादातर पार्षद बार-बार बजट को लेकर दोबारा से बैठक करवाने की मांग करते रहे। इतना ही नहीं पार्षदों ने यह भी कहा कि आयुक्त साहब हम बजट आपसे कई दिनों से मांग रहे थे लेकिन आपने बजट नहीं दिया। वार्ड-10 के पार्षद मिथुन ने तो यह भी कह दिया कि आयुक्त साहब आप इतने पढ़े लिखे हैं जब आप बजट तैयार करने में एक महीना ले सकते हैं तो हमें पढ़ने के लिए कम से कम 48 घंटे का समय तो दिया ही जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
मेयर मैडम की सहमति से ही हमने बजट पास किया है। 10 पार्षदों की असहमति थी मतो वीडियो में देखने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। वीडियो में ऐसा पाया जाता है तो बजट को लेकर बैठक बारे में बाद में बता दिया जाएगा।
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- पार्थ गुप्ता, निगम आयुक्त।
हमने तो बजट पास करने की हामी ही नहीं भरी। ऐसे में बजट कैसे पास हो सकता है।
- मिथुन वर्मा, पार्षद कांग्रेस, वार्ड नंबर 10
बजट पास नहीं करने को लेकर मैंने हाथ खड़ा किया था बजट ऐसे पास नहीं हो सकता।
- मेघा गोयल, पार्षद कांग्रेस, वार्ड नंबर 09
हजपा के सभी 8 पार्षदों ने बजट पास नहीं करने को लेकर हाथ खड़े किए हैं, रिकॉर्डिंग में देखा जा सकता है। इस तरह बजट धक्के से पास नहीं होने देंगे।
- राजेश मेहता, पार्षद वार्ड नंबर 5
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