अंबाला सिटी। नग्गल गांव की रहने वाली पांच माह की गर्भवती अमनी देवी पीड़ा होने पर अपने पति रोहित व सास के साथ सुबह चार बजे नग्गल पीएचसी में पहुंची। जहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने महिला को इंजेक्शन दे दिया। उसके पांच मिनट बाद महिला दर्द से कराहते हुए बाथरूम में शौच के लिए गई तो वहीं महिला का गर्भपात हो गया। महिला जब काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आई तो सास ने जाकर देखा तो महिला का गर्भपात हो चुका था। महिला बाथरूम में दीवार का सहारा लेकर खड़ी रो रही थी। पति ने बताया कि इसकी जानकारी जब नर्स को दी तो नर्स उस समय मोबाइल पर व्यस्त थी। जैसे तैसे पति अपनी पत्नी को लेकर जब बाहर लेकर आया तो नर्स ने सब कुछ सामान्य होने की बात कहते हुए महिला को शहर के नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया। महिला के पति ने नर्स पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए एक शिकायत नग्गल थाना में देते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। फिलहाल महिला का उपचार नागरिक अस्पताल में चल रहा है।
7 माह पहले हुई थी शादी, औलाद की किलकारी सुनने का था बेेसब्री से इंतजार
महिला के पति रोहित ने बताया कि हमारी शादी को अभी सात माह ही हुए थे। पत्नी के गर्भ में पहली संतान थी जो कि गर्भपात होने पर पता चला कि वह बेटा था। रोहित ने बताया कि वह नगर निगम में बतौर सफाई कर्मचारी काम करता है। पहले भी कई बार जब शाम को छुट्टी के बाद पीएचसी गया तो उक्त नर्स ने हमेशा बदतमीजी से बात करते हुए हमेशा बदसलूकी की है। ऐसे में नर्स ने जो कार्य हमारे साथ किया है उससे पत्नी व पूरा परिवार सदमे मेें है।
नर्स की लापरवाही की शिकायत आई थी, जिसके बाद हम पीएचसी में गए जहां नर्स ने आरोपों को नकारते हुए दिए गए उपचार की जानकारी दी। जो कि अस्पताल के रजिस्टर में दर्ज भी थी। उसके बाद अभी तक हमारे पास शिकायतकर्ता नहीं आया।
- सुभाष चंद, जांच अधिकारी, थाना नग्गल।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया। लेकिन इस मामले में कल ही पीएचसी में टीम को भेजकर पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि कोई लापरवाही हुई है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
-डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन अंबाला।