अंबाला छावनी स्थित नगर परिषद का कार्यालय। फाइल फोटो
अंबाला। नगर परिषद की जर्जर हो रही इमारत कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। रोजाना किसी न किसी कार्यालय की छत से प्लास्टर टूटकर गिर रहा है, गनीमत यह है कि इस दौरान किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं लगी। शनिवार को भी कार्यकारी अधिकारी के कमरे के बाहर प्लास्टर का एक छोटा टुकड़ा टूटकर गिर गया था, लेकिन छुट्टी होने के कारण किसी को चोट नहीं लगी, ऐसे में नगर परिषद के नवनिर्माण की योजना को सिरे चढ़ाने के लिए एक बार फिर विभागीय अधिकारियों ने फाइल को निकाय विभाग के पास मान्यता के लिए भेजा है ताकि फंड का प्रबंध होते ही इमारत को खाली करने का कार्य शुरु किया जा सके।
तीन बार तैयार की गई योजना
नगर परिषद को शॉपिंग मॉल की तर्ज पर तैयार करने के लिए लगभग पांच साल पहले वर्ष 2021 में योजना तैयार की गई। आधुनिक इमारत के निर्माण पर खर्च का आंकड़ा 100 करोड़ के पार हो गया तो निकाय विभाग ने इसमें कटौती के निर्देश दिए, इसके बाद वर्ष 2022 में दोबारा जोड़-तोड़ करके नगर परिषद के नक्शे में बदलाव किया गया और फिर यह प्रस्ताव लगभग 85 करोड़ में तैयार किया गया, इसके बाद वर्ष 2024-25 के दौरान तैयार किए प्रस्ताव और सलाहकार की मदद से पर नया नक्शा तैयार किया गया और इस पर लगभग 66 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया गया है।
30 साल पुरानी इमारत
नगर परिषद की इमारत लगभग 30 वर्ष पुरानी है जोकि समय के साथ बदतर हालत में पहुंच चुकी है। कहने को यह नगर की सरकार का कार्यालय है लेकिन यहां काम करने वाले कर्मचारी डर के साए में काम कर रहे हैं और जो लोग अपने काम के लिए आते हैं, उन्हें भी हादसा होने की चिंता सताती रहती है, ऐसे में नवनिर्माण न होने के कारण कर्मचारियों सहित आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जब तक फंड की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक नगर परिषद कार्यालय के नवनिर्माण के लिए कार्रवाई मुश्किल है। इस संबंध में निकाय विभाग को फाइल भेजी है, इसके तहत दो से तीन प्रस्ताव भी दिए गए हैं ताकि कुछ फंड मिल जाए और कुछ का खुद बंदोबस्त कर लें।
- देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर।