अंबाला। जहां समय पर नगर परिषद न पहुंचने वाले 35 कच्चे कर्मचारियों की एक दिन की तनख्वाह काट दी गई है वहीं 10 नियमित कर्मचारियों को छोड़ दिया गया है। इससे हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत लगे कच्चे कर्मचारियों में रोष है। उनका कहना है कि विभाग को कार्रवाई के मामले में भेदभाव नहीं एक समान कार्रवाई करनी चाहिए थी न कि भेदभावपूर्ण पूर्ण। ऐसे में यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। कच्चे कर्मचारियों ने नप अध्यक्ष से मुलाकात करके इस एकतरफा कार्रवाई पर रोष जाहिर किया है। उनका कहना है कि अभी भी कुछ पक्के कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे, लेकिन उनसे किसी तरह की कोई पूछताछ नहीं की जा रही।
सर्वर की दिक्कत
नगर परिषद में सभी कर्मचारियों को बॉयोमेट्रिक हाजिरी के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उन्हें रजिस्टर में भी हाजिरी लगानी होगी। लेकिन सुबह 9 बजे जब सभी कर्मचारी मशीन पर हाजिरी के लिए पहुंचते हैं तो सर्वर डाउन हो जाता है और मशीन बंद पड़ जाती है। ऐसे में उनके पास रजिस्टर में हाजिरी लगाने का विकल्प ही बचता है। लेकिन तनख्वाह के समय जब बॉयोमेट्रिक सिस्टम से हाजिरी का मिलान किया जाता है तो इसमें कई कर्मचारी गैर हाजिर नजर आते हैं। इसलिए उनकी तनख्वाह कटने का खतरा बढ़ जाता है।
एक मशीन के कारण दिक्कत
नगर परिषद में 500 के करीब कच्चे व पक्के कर्मचारी हैं। इनकी हाजिरी के लिए एक ही बॉयोमेट्रिक मशीन लगी हुई है। इसलिए मशीन पर जब लोड बढ़ता है तो यह बीच में ही अटक जाती है। अगर दो से तीन मशीनें नप कार्यालय में लग जाएं तो समस्या का स्वत: ही समाधान हो सकता है।
नगर परिषद कार्यालय में सभी कर्मचारी समय पर आएं। इसलिए यह व्यवस्था की गई है क्योंकि जांच के दौरान कई बार कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए थे। वहीं कच्चे और पक्के कर्मचारियों की तनख्वाह कटने का मामला है तो इस संबंध में कार्यकारी अधिकारी से जरूर बात की जाएगी।
स्वर्ण कौर, अध्यक्ष नगर परिषद सदर अंबाला।